CM Yogi Adityanath Japan-Singapore Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath 22 फरवरी से चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होंगे। यह दौरा केवल औपचारिक शिष्टाचार मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री अपने पारंपरिक भगवा वस्त्रों में ही इस विदेश यात्रा पर नजर आएंगे, हालांकि इस बार वे सैंडल की जगह औपचारिक जूतों में दिखाई देंगे।
11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी रहेगा साथ
मुख्यमंत्री के साथ 11 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। इसमें वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, ओएसडी आरबीएस रावत, विशेष सचिव अमित सिंह, आईएएस दीपक कुमार, श्रम विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, आईटी विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, पर्यटन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, Invest UP के सीईओ और नेडा के निदेशक शामिल हैं।
इस टीम का उद्देश्य विभिन्न सेक्टरों में निवेश आकर्षित करने के लिए सीधे संवाद स्थापित करना है।
23-24 फरवरी सिंगापुर, 25-26 फरवरी जापान
मुख्यमंत्री 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर में रहेंगे, जबकि 25 और 26 फरवरी को जापान का दौरा करेंगे। सिंगापुर में वे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृह मंत्री और विदेश मंत्री से संभावित मुलाकात कर सकते हैं। वहीं जापान में यामानाशी प्रांत के गवर्नर से भी उनकी बैठक प्रस्तावित है।
दौरे के दौरान दोनों देशों में कम्यूनिटी इवेंट आयोजित किए जाएंगे, जहां मुख्यमंत्री भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा निवेशकों के साथ विशेष रोड शो भी आयोजित होंगे।
भारतीय समुदाय से संवाद, निवेशकों से सीधा संपर्क
यह दौरा प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव बढ़ाने का भी अवसर होगा। मुख्यमंत्री वहां रह रहे भारतीयों से मुलाकात करेंगे और उत्तर प्रदेश में चल रही औद्योगिक नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निवेश अवसरों की जानकारी साझा करेंगे।
सरकार का मानना है कि प्रवासी भारतीयों के नेटवर्क के जरिए वैश्विक कंपनियों तक पहुंच बनाना आसान होगा।
किन क्षेत्रों में निवेश की होगी पहल?
मुख्यमंत्री विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में निवेश आमंत्रित करेंगे। उत्तर प्रदेश पहले से ही डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
सरकार की रणनीति है कि सिंगापुर और जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और पूंजी को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास से जोड़ा जाए।
ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैश्विक निवेश, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें सीधे विदेशी निवेशकों से संवाद कर उत्तर प्रदेश को एक सुरक्षित, पारदर्शी और लाभकारी निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
चार दिन का यह विदेश दौरा केवल कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से एक निर्णायक प्रयास माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि इस यात्रा से उत्तर प्रदेश को कितना ठोस निवेश और दीर्घकालिक साझेदारी मिल पाती है।