हिजाब, नक़ाब और हेलमेट पहनकर ज्वेलरी खरीदने पर रोक, बिहार में लागू हुआ नया सुरक्षा नियम

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

बिहार की ज्वेलरी दुकान में हिजाब, नक़ाब और हेलमेट पहनकर सोना खरीदने पर रोक का दृश्य, सुरक्षा नियम लागू होने के बाद सर्राफा बाजार में पुलिस और चेतावनी बोर्ड के साथ सोना-चांदी के आभूषण प्रदर्शित।

बिहार के सर्राफा बाजार से एक अहम और चर्चा में रहने वाला फैसला सामने आया है। राज्य में बढ़ती चोरी और लूट की घटनाओं को देखते हुए अब ज्वेलरी दुकानों में चेहरा ढककर प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले के तहत हिजाब, नक़ाब, हेलमेट या किसी भी तरह से चेहरा पूरी तरह ढककर सोना-चांदी खरीदने की अनुमति नहीं होगी। यह नियम कल से पूरे बिहार में प्रभावी हो गया है, जिससे बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां ज्वेलरी दुकानों के लिए यह स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।

सुरक्षा को प्राथमिकता, भावना आहत करने का दावा नहीं

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर लिए गए इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि यह कदम पूरी तरह सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी भी धार्मिक या व्यक्तिगत आस्था को ठेस पहुँचाना नहीं है। फेडरेशन का कहना है कि चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों की पहचान करना मुश्किल होता है, जिससे अपराध की आशंका बढ़ जाती है।

अशोक कुमार वर्मा के अनुसार, “कल से राज्य की किसी भी ज्वेलरी दुकान में पूरी तरह चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को न तो प्रवेश दिया जाएगा और न ही उन्हें कोई बिक्री की जाएगी। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होगा।”

सोना-चांदी की रिकॉर्ड कीमतें बनीं चिंता की वजह

फेडरेशन के मुताबिक, वर्तमान समय में सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं। 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1,40,000 तक पहुँच चुकी है, जबकि एक किलो चांदी का भाव लगभग ₹2,50,000 बताया जा रहा है। इतनी अधिक कीमतों के चलते ज्वेलरी दुकानें अपराधियों के निशाने पर रहती हैं और छोटी सी लापरवाही भी बड़ी वारदात में बदल सकती है।

इसी कारण सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत महसूस की, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

Also Read

व्यापारियों ने किया फैसले का स्वागत

बिहार के ज्वेलरी व्यापारियों ने इस नए नियम का समर्थन किया है। व्यापारियों का मानना है कि इससे न केवल चोरी और लूट जैसी घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी आसान होगा। साथ ही, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को जांच के दौरान पहचान करने में भी मदद मिलेगी।

फेडरेशन ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के इस नए प्रोटोकॉल को समझें और सहयोग करें। ज्वेलरी दुकानों में प्रवेश करते समय चेहरा खुला रखें, ताकि सभी के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जा सके।

देशभर में बन सकती है मिसाल

बिहार में लागू यह फैसला आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है। सर्राफा बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर इस नियम से अपराधों में कमी आती है, तो देश के दूसरे राज्यों में भी इसी तरह के सुरक्षा कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल, बिहार में यह नया नियम लागू होने के बाद लोगों की नजर इसके असर पर टिकी हुई है—क्या यह फैसला वास्तव में सर्राफा बाजार को ज्यादा सुरक्षित बना पाएगा या इस पर और बहस छिड़ेगी, यह आने वाला वक्त बताएगा।

Next Post

राजपाल यादव जेल में, नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर उठे सवाल — पुराने वीडियो ने बढ़ाई बहस

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

राजपाल यादव के जेल जाने के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी का पुराना वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर उठे मदद को लेकर सवाल

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों एक चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं। कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल जाना पड़ा। जैसे ही यह खबर सामने आई, फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच हलचल तेज हो गई। जहां कुछ कलाकार उनके समर्थन में सामने आए, वहीं सोशल मीडिया पर एक अलग ही बहस शुरू हो गई है, जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी का नाम भी जुड़ गया है।

राजपाल यादव पिछले 25 साल से अधिक समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उन्होंने कई यादगार कॉमिक किरदार निभाए हैं और अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन इन दिनों वह आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक पुराने वित्तीय विवाद और चेक बाउंस मामले में अदालत की कार्रवाई के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा।

इस बीच सोशल मीडिया पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक कॉमेडी शो का है, जिसमें नवाजुद्दीन अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि जब वह मुंबई में काम की तलाश कर रहे थे, तब कई बार राजपाल यादव ने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा था कि उस दौर में कई संघर्ष कर रहे कलाकार राजपाल यादव के घर पर इकट्ठा होते थे, वहीं खाना बनता था और सब मिलकर रहते थे।

अब जब राजपाल यादव (Rajpal Yadav) मुश्किल समय से गुजर रहे हैं, तो सोशल मीडिया पर कुछ लोग नवाजुद्दीन से सवाल कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि जब संघर्ष के दिनों में राजपाल ने साथ दिया था, तो आज उनके कठिन समय में नवाजुद्दीन को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए। कई पोस्ट में यह भी लिखा गया कि दोस्ती और एहसान को याद रखने का यही समय है।

हालांकि, इस मामले में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं यह भी सच है कि किसी की निजी मदद या आर्थिक सहयोग सार्वजनिक रूप से सामने आए, यह जरूरी नहीं होता। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है, लेकिन वास्तविक स्थिति क्या है, यह दोनों पक्ष ही बेहतर जानते हैं।

दूसरी ओर, अभिनेता सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे कुछ कलाकारों ने राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि इंडस्ट्री को अपने साथियों के मुश्किल समय में साथ खड़ा होना चाहिए।

यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि दोस्ती, संघर्ष और इंसानियत जैसे मुद्दों को भी सामने ला रहा है। राजपाल यादव का संघर्ष लोगों को भावुक कर रहा है, क्योंकि उन्होंने सालों तक दर्शकों को हंसाया है। अब उनके प्रशंसक चाहते हैं कि उनके चेहरे की मुस्कान वापस लौटे।

Next Post

Loading more posts...