बेटे का रिजल्ट लेने स्कूल गए पिता अचानक बेहोश हुए, कुछ सेकंड में उजड़ गया परिवार, अस्पताल पहुंचते ही मौत

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Javed Haider Zaidi

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जोरहाट स्कूल में बेटे का रिजल्ट लेने गए पिता अचानक बेहोश हुए और अस्पताल में मृत घोषित

बेटे का रिजल्ट लेने स्कूल गए पिता अचानक बेहोश हुए: असम के जोरहाट जिले से मंगलवार सुबह एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 35 वर्षीय दिपांकर बोरदोलोई (Dipankar Bordoloi) जो स्थानीय सिंचाई विभाग में एक्जिक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, अपने बेटे का यूकेजी (UKG) का परीक्षा परिणाम लेने जोरहाट के सैमफोर्ड स्कूल पहुंचे। लेकिन कुछ ही पल में उनका जीवन समाप्त हो गया और उनका परिवार गहरे सदमे में डूब गया।

स्कूल में अचानक बेहोशी और हादसा

परिवार के अनुसार, मंगलवार सुबह दिपांकर स्कूल पहुंचे। जैसे ही वह स्कूल परिसर में चल रहे थे, उन्हें अचानक चक्कर आने लगे और वे वहीं जमीन पर गिर पड़े। स्कूल के शिक्षक और अन्य अभिभावक तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े। उन्हें तुरंत जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JMCH) ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि दिपांकर कुछ सेकंड पहले तक सामान्य रूप से चल रहे थे और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।

कार्डियक अरेस्ट: अचानक मौत का कारण

डॉक्टरों के अनुसार, दिपांकर की मौत का कारण सडन कार्डियक अरेस्ट था। यह स्थिति अक्सर बिना किसी पूर्व चेतावनी के अचानक होती है और व्यक्ति को कुछ ही सेकंड में बेहोश कर देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर सीपीआर (CPR) मिलने पर कुछ मामलों में जीवन बचाया जा सकता है, लेकिन कई बार यह स्थिति घातक साबित होती है।

परिवार और स्कूल में मातम

इस दुखद घटना ने स्कूल परिसर में मातम का माहौल पैदा कर दिया। शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक सभी गहरे सदमे में हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने कभी भी ऐसा डरावना और अचानक हादसा नहीं देखा।

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दिपांकर जोरहाट के सोनारी गांव के रहने वाले थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार और सहकर्मियों में शोक की लहर है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। फुटेज में देखा जा सकता है कि दिपांकर कुछ सेकंड तक सामान्य रूप से चलते हैं और अचानक गिर पड़ते हैं। यह दृश्य देखकर हर कोई भावुक और स्तब्ध है।

स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों और सहकर्मियों ने इस घटना को अत्यंत दुखद और हैरान करने वाला बताया। कई लोगों ने कहा कि दिपांकर एक मेहनती और जिम्मेदार अधिकारी थे, और उनकी अचानक मौत ने पूरे समुदाय को हिला कर रख दिया है।

स्कूल प्रशासन ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे परिवार के साथ हैं और इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।

संक्षेप में

  • घटना: जोरहाट, सैमफोर्ड स्कूल, मंगलवार सुबह
  • मृतक: दिपांकर बोरदोलोई, उम्र 35 वर्ष, एक्जिक्यूटिव इंजीनियर
  • कारण: सडन कार्डियक अरेस्ट
  • घटना का असर: परिवार, स्कूल और सहकर्मियों में शोक
  • वायरल: घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर

दिपांकर की अचानक और असामयिक मौत ने एक सामान्य सुबह को परिवार और स्कूल समुदाय के लिए दुःख और सदमे का क्षण बना दिया।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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Javed Haider Zaidi

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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