Leopard Attack in Balrampur, UP में तेंदुए ने किया हमला, दो महिलाओं की मौत

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Javed Haider Zaidi

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"बलरामपुर, उत्तर प्रदेश में जंगल के किनारे एक तेंदुआ दिखाई दे रहा है, आसपास ग्रामीण भयभीत नजर आ रहे हैं, तनावपूर्ण और सावधान माहौल, न्यूज़ स्टाइल, बिना किसी टेक्स्ट के"

Leopard Attack in Balrampur UP: में तेंदुए ने किया हमला, दो महिलाओं की मौत, वन विभाग ने शुरू की जांचके बलरामपुर जिले में शनिवार की सुबह तेंदुए के हमले ने क्षेत्रवासियों को दहला दिया। मिली जानकारी के अनुसार, दो महिलाओं की इस हमले में मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं अपने खेत में काम कर रही थीं, तभी तेंदुआ अचानक उनका शिकार बना। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना तुरंत वन विभाग और पुलिस को दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँच कर घटना स्थल का मुआयना किया और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों का अध्ययन शुरू कर दिया।

वन विभाग की कार्रवाई

वन अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए की गतिविधि का पता लगाने के लिए कैमरा ट्रैप और गश्त बढ़ाई गई है। साथ ही ग्रामीणों को सावधानी बरतने और बच्चों तथा बुजुर्गों को घर के आस-पास अकेले न रहने की सलाह दी गई है।

वन विभाग ने यह भी कहा कि तेंदुए को पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए विशेष टीम और उपकरण तैयार हैं। ग्रामीणों से आग्रह किया गया है कि वे शांत रहें और वन विभाग की गाइडलाइन का पालन करें।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि खेतों और जंगल के रास्तों पर अब अकेले जाना सुरक्षित नहीं है। कई लोग आशंका जता रहे हैं कि यह तेंदुआ आसपास के गांवों में भी सक्रिय हो सकता है।

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विशेषज्ञों की सलाह

वन विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष का यह एक उदाहरण है। तेंदुए अक्सर खाने की तलाश में गांव के पास आते हैं, इसलिए लोग और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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