America Private Jet Crash: टेकऑफ के दौरान प्राइवेट जेट क्रैश, विमान में सवार थे 8 लोग

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Javed Haider Zaidi

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अमेरिका के बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टेकऑफ के दौरान क्रैश हुआ बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 प्राइवेट जेट, रनवे पर राहत और बचाव कार्य जारी

America Private Jet Crash: अमेरिका में एक बार फिर विमान हादसे ने चिंता बढ़ा दी है। मेन राज्य के बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार शाम एक प्राइवेट जेट टेकऑफ के दौरान क्रैश हो गया। हादसे के वक्त विमान में 8 लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल आपात सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के अनुसार, यह हादसा रविवार शाम करीब 7:45 बजे (स्थानीय समय) हुआ। दुर्घटनाग्रस्त विमान की पहचान बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 के रूप में की गई है, जो एक अत्याधुनिक बिजनेस जेट माना जाता है।

टेकऑफ के दौरान हुआ हादसा, उड़ान भरते ही बिगड़ा संतुलन

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान रनवे से उड़ान भरने की प्रक्रिया में था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह रनवे के पास ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि कुछ देर के लिए एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही प्रभावित रही।

हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यात्रियों की स्थिति को लेकर अधिकारी फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।

FAA और NTSB ने शुरू की संयुक्त जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए FAA और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि:

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  • क्या हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ?
  • या फिर खराब मौसम और बर्फबारी इसकी बड़ी वजह बनी?

जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।

भीषण बर्फीले तूफान की चपेट में अमेरिका

यह विमान हादसा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका का बड़ा हिस्सा भीषण बर्फीले तूफान की गिरफ्त में है। देश के कई राज्यों में भारी बर्फबारी, ओले और जमा देने वाली बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

बैंगोर शहर में भी पिछले कई दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे सड़कों के साथ-साथ हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है।

बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का महत्व

बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्से का एक अहम एयरपोर्ट है। यहां से
ऑरलैंडो, फ्लोरिडा, वॉशिंगटन, शार्लोट और नॉर्थ कैरोलिना जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती हैं।

यह एयरपोर्ट बोस्टन से लगभग 200 मील उत्तर में स्थित है और खराब मौसम के दौरान भी इसे वैकल्पिक लैंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600: जानिए इस विमान की खासियत

दुर्घटनाग्रस्त बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 एक चौड़ी बॉडी वाला बिजनेस जेट है, जिसे खास तौर पर लग्ज़री और लंबी दूरी की यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है।

एविएशन वेबसाइट के अनुसार:

  • इस विमान में 9 से 11 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है
  • इसे 1980 में लॉन्च किया गया था
  • इसे ‘वॉक-अराउंड केबिन’ वाला पहला प्राइवेट जेट माना जाता है

आज भी यह विमान दुनिया भर में चार्टर सेवाओं के लिए काफी लोकप्रिय है।

बर्फीले तूफान से हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित

अमेरिका में जारी बर्फीले तूफान का असर कमर्शियल एविएशन पर भी साफ नजर आ रहा है। फ्लाइट ट्रैकर वेबसाइट के मुताबिक:

  • रविवार को करीब 12,000 उड़ानें रद्द कर दी गईं
  • जबकि लगभग 20,000 उड़ानों में देरी हुई

सबसे ज्यादा असर न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, फिलाडेल्फिया, वॉशिंगटन, बाल्टीमोर और नॉर्थ कैरोलिना के एयरपोर्ट पर देखने को मिला।

लाखों घर अंधेरे में, जनजीवन अस्त-व्यस्त

बर्फीले तूफान की वजह से अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में लाखों घरों और व्यवसायों की बिजली गुल हो गई है। सड़कें बर्फ से ढकी होने के कारण यातायात बाधित है और कई जगहों पर आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है।

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वॉशिंगटन पोस्ट की बड़ी छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी गई, 12 साल का सफर अचानक थमा

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वॉशिंगटन पोस्ट की छंटनी की खबर के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की फाइल फोटो, जो अखबार से 12 साल की सेवा के बाद नौकरी से हटाए गए।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस फैसले की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और जाने-माने विदेशी मामलों के पत्रकार ईशान थरूर भी आ गए हैं। करीब 12 वर्षों तक अखबार से जुड़े रहने के बाद ईशान को नौकरी से हटा दिया गया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस मुश्किल दौर की जानकारी दी और अपने दर्द को शब्दों में साझा किया।

एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कुल कर्मचारियों के लगभग एक तिहाई हिस्से को नौकरी से निकाल दिया है। इस प्रक्रिया में अखबार का खेल विभाग बंद कर दिया गया है, जबकि कई विदेशी कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लगभग 800 पत्रकारों की टीम में से 300 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ईशान थरूर ने क्या कहा

ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज उन्हें वॉशिंगटन पोस्ट से हटा दिया गया है और उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मियों की भी छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने न्यूज रूम और खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में अखबार की पहचान बनाई।
ईशान ने यह भी कहा कि लगभग 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे केवल सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त रहे, और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम और पाठकों का साथ

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू नाम से कॉलम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया की घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख वफादार पाठकों ने वर्षों तक सप्ताह में कई बार इस कॉलम को पढ़ा, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

वॉशिंगटन पोस्ट में भूमिका

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। भारतीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर उनकी पकड़ को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के दौरे पर था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में भी आए थे।

सोशल मीडिया पर समर्थन

ईशान थरूर की छंटनी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पत्रकारों और पाठकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। लोगों ने उन्हें एक बेहतरीन और गंभीर पत्रकार बताया और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अखबार प्रबंधन की सफाई

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को “दुखद लेकिन जरूरी” बताया है। उनका कहना है कि बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि अखबार को भविष्य के लिए बेहतर दिशा दी जा सके।

मालिकाना हक और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अखबार डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन हालिया छंटनी ने पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया संस्थानों की स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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