IMD Cold Wave Alert: ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड! दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक कोहरे और शीतलहर का डबल अटैक, IMD का बड़ा अलर्ट

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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, शीतलहर के बीच अलाव तापते लोग और सड़क पर कम दृश्यता

2 जनवरी को मौसम बनेगा और ज्यादा सख्त, सुबह-शाम घना कोहरा, ठिठुरन से जनजीवन प्रभावित

IMD Cold Wave Alert: उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2 जनवरी के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर का असर और तेज होगा। ठंडी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, सुबह और देर रात visibility बेहद कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

दिल्ली-NCR में कंपकंपाती ठंड, कोहरा बनेगा बड़ी चुनौती

दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से सर्द हवाओं का दौर जारी है। IMD का कहना है कि 2 जनवरी की सुबह घना कोहरा छा सकता है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है। दिन के समय धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों में शीतलहर की स्थिति को और गंभीर बना रही हैं।

यूपी-बिहार में शीतलहर का कहर

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में पहले से ही ठंड ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। IMD ने चेतावनी दी है कि:

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  • पूर्वी यूपी और बिहार में शीतलहर का असर ज्यादा रहेगा
  • ग्रामीण इलाकों में ठंड का प्रभाव और तीखा महसूस किया जाएगा
  • सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है

कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

यातायात पर असर, सतर्क रहने की सलाह

घने कोहरे के कारण:

  • हाईवे पर वाहन चालकों को परेशानी
  • ट्रेनें लेट चलने की आशंका
  • फ्लाइट ऑपरेशन भी प्रभावित हो सकता है

मौसम विभाग ने लोगों को फॉग लाइट का इस्तेमाल, धीमी गति से वाहन चलाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य को लेकर भी चेतावनी

डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में:

  • सर्दी, खांसी और सांस की समस्या बढ़ सकती है
  • बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाना जरूरी
  • गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचें

आगे कैसा रहेगा मौसम?

IMD के अनुसार अगले 48 घंटों तक ठंड और कोहरे से राहत के संकेत नहीं हैं। कुछ इलाकों में तापमान और गिर सकता है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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