Lucknow Weather: शीतलहर का प्रकोप सीजन का सबसे सर्द दिन, ठंड ने थाम दी राजधानी की रफ्तार

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Javed Haider Zaidi

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Lucknow Weather: शीतलहर से कांपा शहर, तापमान में तेज गिरावट

Lucknow Weather: शीतलहर से कांपा शहर, तापमान में तेज गिरावट

Lucknow Weather: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। रविवार को शहर ने इस सर्दी के मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आया। सुबह से ही ठंडी हवाओं और सिहरन भरी ठंड ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया, जबकि सड़कें अपेक्षाकृत सुनसान रहीं।

तापमान में अचानक गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। दिन भर सूरज की मौजूदगी बेहद कमजोर रही और हल्की धूप भी ठंड को कम करने में नाकाम साबित हुई। शाम ढलते ही सर्दी और अधिक बढ़ गई, जिससे लोगों ने अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया।

सुबह-शाम सबसे ज्यादा असर

शीतलहर का असर खास तौर पर सुबह और देर शाम के समय ज्यादा देखने को मिला। न्यूनतम तापमान में गिरावट के चलते सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले लोग, बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हुए। कई इलाकों में कोहरे की वजह से दृश्यता भी कम रही, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।

स्कूलों पर भी ठंड का असर

कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। अभिभावकों ने इस निर्णय को राहत भरा बताया, वहीं शिक्षकों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों का घर पर रहना ही बेहतर है।

बाजार और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित

ठंड का असर लखनऊ के बाजारों में भी साफ दिखाई दिया। सुबह के समय दुकानें देर से खुलीं और ग्राहकों की संख्या भी कम रही। ठेले-खोमचे लगाने वाले और दिहाड़ी मजदूरों को ठंड की वजह से काम में परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम के समय लोग जरूरी काम न होने पर बाहर निकलने से बचते नजर आए।

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प्रशासन सतर्क, राहत व्यवस्था सक्रिय

शीतलहर को देखते हुए नगर प्रशासन ने रैन बसेरों, अलाव और जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण जैसी व्यवस्थाओं को सक्रिय किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर रहने वाले लोगों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ठंड से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।

आने वाले दिनों का हाल

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं। आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर और ठंडी हवाएं जारी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

ठंड के बीच सिहरती राजधानी

लखनऊ में इस समय सर्दी सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। सन्नाटे भरी सुबह, जल्दी ढलती शाम और ठंड से जूझते लोग—यह सब इस बात का संकेत हैं कि राजधानी इस वक्त शीतलहर के मजबूत असर में है।

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भर्ती परीक्षाओं में जाति-धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी का सख्त निर्देश, पेपर सेटर्स पर होगी कड़ी निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भर्ती बोर्डों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में जाति, धर्म या संप्रदाय पर अमर्यादित टिप्पणी न करने का निर्देश देते हुए।

भर्ती परीक्षाओं में विवादित सवालों पर सख्ती, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर समय-समय पर उठने वाले विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्देश केवल भर्ती बोर्डों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे सभी पेपर सेटर्स तक सख्ती से पहुंचाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है तो उसे हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के एमओयू में भी शामिल होगा नियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ होने वाले समझौतों यानी एमओयू में भी इस नियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सवालों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

विवादित प्रश्नों से उपजा था आक्रोश

दरअसल हाल के समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में पूछे गए कुछ सवालों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

हाल ही में आयोजित यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बदलते मौसम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड में जाकर फसलों को हुए संभावित नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कराएं।

किसानों को समय पर मिले मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन समय पर किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े और राहत राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।

परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में सवालों की भाषा और विषयवस्तु बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें तैयार करते समय सामाजिक सौहार्द और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब भर्ती बोर्डों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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