आंध्र प्रदेश में टाटानगर‑एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भीषण आग, एक यात्री की मौत

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आंध्र प्रदेश में टाटानगर‑एर्नाकुलम एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बों में आग लगने के बाद रेलवे अधिकारी और फायर ब्रिगेड मौके पर आग पर काबू पाने का प्रयास करते हुए।

विशाखापट्टनम। सोमवार तड़के आंध्र प्रदेश के यलमंचिली (अनकापल्ली जिला) के पास टाटानगर‑एर्नाकुलम एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बों में अचानक आग लग गई। हादसे में एक यात्री की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य यात्री सुरक्षित रहे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार आग सबसे पहले बी1 और एम2 एसी कोच में लगी और तेजी से फैल गई। ट्रेन चालक ने आग की सूचना मिलते ही तुरंत ट्रेन को यलमंचिली स्टेशन के पास रोका। इसके बाद रेलवे पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मिलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

हादसे में मृतक की पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में हुई है, जो ट्रेन में अकेले यात्रा कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल यात्री को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की सटीक वजह का पता लगाने के लिए फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

आग की चपेट में आने के कारण प्रभावित डिब्बों में यात्री सामान और निजी वस्तुएं भी जलकर नष्ट हो गईं। प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और उनके परिवारों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आग लगने का कारण संभावित शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी हो सकता है, लेकिन आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारण का पता चलेगा। हादसे के बाद रेलवे सेवाओं में थोड़ी देर के लिए व्यवधान देखा गया, लेकिन अन्य ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा।

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स्थानीय लोगों और यात्रियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और रेलवे प्रशासन से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की। यह हादसा एक बार फिर रेल सुरक्षा, आग नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया की अहमियत को उजागर करता है।

रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और आवश्यक जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन का उपयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित यात्रियों की सहायता और दुरुस्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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