Hero Splendor vs TVS Radeon: कम्यूटर बाइक सेगमेंट में कौन आगे, किस पर भारी पड़े भरोसा? 2026

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Javed Haider Zaidi

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Hero Splendor और TVS Radeon की आमने-सामने तुलना दिखाती VS इमेज, जिसमें दोनों कम्यूटर मोटरसाइकिलें एक-दूसरे के सामने रखी हुई हैं और बीच में बड़ा VS दिखाई दे रहा है

Hero Splendor vs TVS Radeon: 2026 कम्यूटर बाइक सेगमेंट में कौन आगे, किस पर भारी पड़े भरोसा? भारतीय दोपहिया बाजार में कम्यूटर बाइक सेगमेंट हमेशा से सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी रहा है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच आम ग्राहक ऐसी बाइक चाहता है जो माइलेज में बेहतर हो, मेंटेनेंस कम मांगे और लंबे समय तक साथ निभाए। इसी सेगमेंट में दो नाम सालों से चर्चा में हैं—Hero Splendor और TVS Radeon। एक तरफ दशकों से भरोसे का प्रतीक बनी Splendor है, तो दूसरी ओर TVS Radeon है जो कम कीमत और नए फीचर्स के दम पर ग्राहकों को लुभा रही है।

बाजार में पकड़ और ब्रांड वैल्यू

Hero Splendor को भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइकों में गिना जाता है। हर महीने बिक्री के आंकड़ों में Splendor अक्सर टॉप पर रहती है। ग्रामीण इलाकों से लेकर बड़े शहरों तक, यह बाइक भरोसे और टिकाऊपन का दूसरा नाम मानी जाती है। Hero का विशाल सर्विस नेटवर्क Splendor की सबसे बड़ी ताकत है।

वहीं TVS Radeon ने बीते कुछ वर्षों में कम्यूटर सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खासतौर पर पहली बार बाइक खरीदने वाले और बजट कस्टमर Radeon को गंभीर विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। TVS की इंजीनियरिंग और माइलेज फोकस इस बाइक को खास बनाता है।

कीमत की जंग में कौन आगे

अगर कीमत की बात करें तो TVS Radeon साफ तौर पर आगे नजर आती है। Radeon की एक्स-शोरूम कीमत Splendor के मुकाबले काफी कम रखी गई है, जिससे यह सीमित बजट वाले ग्राहकों के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाती है।

दूसरी ओर Hero Splendor की कीमत थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन ग्राहक इसे लंबे समय की विश्वसनीयता, बेहतर रीसेल वैल्यू और आसान सर्विसिंग के तौर पर देखते हैं। यही वजह है कि कीमत ज्यादा होने के बावजूद Splendor की मांग कम नहीं होती।

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इंजन और परफॉर्मेंस का मुकाबला

TVS Radeon में बड़ा इंजन दिया गया है, जो पावर और टॉर्क के मामले में Splendor से थोड़ा आगे निकलता है। शहर की सड़कों पर और हल्के हाईवे इस्तेमाल में Radeon का रिस्पॉन्स अच्छा माना जाता है।

Hero Splendor का इंजन भले ही क्षमता में छोटा हो, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी स्मूदनेस और लंबे समय तक बिना परेशानी चलने की क्षमता है। रोजाना ऑफिस या बाजार जाने वाले यूजर्स के लिए Splendor का संतुलित परफॉर्मेंस काफी भरोसेमंद माना जाता है।

माइलेज: असली फैसला यहीं होता है

कम्यूटर बाइक खरीदते समय माइलेज सबसे बड़ा फैक्टर होता है। TVS Radeon को माइलेज के मामले में थोड़ा बेहतर बताया जाता है और कई रिपोर्ट्स में इसका औसत माइलेज Splendor से ज्यादा बताया गया है।

हालांकि Splendor का माइलेज वर्षों से साबित हुआ है। असल जिंदगी में कई यूजर्स बताते हैं कि सही मेंटेनेंस और सामान्य राइडिंग पर Splendor बहुत ही संतोषजनक माइलेज देती है। यही वजह है कि माइलेज के मामले में Splendor पर लोगों का भरोसा आज भी कायम है।

फीचर्स और तकनीक में फर्क

Hero Splendor के नए वेरिएंट्स में स्टार्ट-स्टॉप जैसी फ्यूल सेविंग तकनीक, डिजिटल मीटर और जरूरी इंडिकेटर्स दिए जा रहे हैं। ये फीचर्स बाइक को ज्यादा प्रैक्टिकल बनाते हैं।

TVS Radeon फीचर्स के मामले में थोड़ा अलग रास्ता अपनाती है। इसमें बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम, साइड स्टैंड इंडिकेटर और कुछ वेरिएंट्स में USB चार्जिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जो आज के यूजर्स को ज्यादा आकर्षित करती हैं।

सर्विस और मेंटेनेंस का सवाल

Hero का देशभर में फैला सर्विस नेटवर्क Splendor को बड़ी बढ़त दिलाता है। छोटे कस्बों और गांवों तक Hero के सर्विस सेंटर मौजूद हैं, जिससे मेंटेनेंस आसान और सस्ता पड़ता है।

TVS का नेटवर्क भी अच्छा है, लेकिन कुछ इलाकों में Hero के मुकाबले कम माना जाता है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में TVS की सर्विस क्वालिटी को लेकर ग्राहक संतुष्ट नजर आते हैं।

फीचर / पॉइंटHero Splendor Plus / XTECTVS Radeon
सेगमेंटकम्यूटर बाइककम्यूटर बाइक
इंजन क्षमता97.2 cc109.7 cc
इंजन टाइपसिंगल सिलेंडर, एयर कूल्डसिंगल सिलेंडर, एयर कूल्ड
पावरलगभग 8.02 PSलगभग 8.19 PS
टॉर्कलगभग 8.05 Nmलगभग 8.7 Nm
गियरबॉक्स4-स्पीड4-स्पीड
माइलेज (क्लेम्ड/रिपोर्टेड)70–75 kmpl तक72–74 kmpl तक
फ्यूल टैंक क्षमतालगभग 9.8 लीटरलगभग 10 लीटर
ब्रेकिंग सिस्टमड्रम ब्रेक (IBS)ड्रम ब्रेक (SBT)
खास फीचर्सi3S टेक्नोलॉजी, डिजिटल मीटर (XTEC), सर्विस रिमाइंडरUSB चार्जिंग, साइड स्टैंड इंडिकेटर, बेहतर सीट कुशन
एक्स-शोरूम कीमत (लगभग)₹90,000+ (वेरिएंट पर निर्भर)₹55,000+
सर्विस नेटवर्कबहुत मजबूत, देशभर मेंअच्छा, खासकर शहरों में
रीसेल वैल्यूबहुत अच्छीठीक-ठाक
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चलती सड़क पर ही चार्ज होगी इलेक्ट्रिक कार, जापान के वैज्ञानिकों ने बनाया क्रांतिकारी वायरलेस सिस्टम

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वायरलेस चार्जिंग तकनीक के जरिए सड़क पर चलते हुए चार्ज होती इलेक्ट्रिक कार का आधुनिक लैब मॉडल

इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में एक बड़ी तकनीकी क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए Tokyo Metropolitan University के वैज्ञानिकों ने ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जो गाड़ियों को चलते-चलते वायरलेस तरीके से चार्ज करने की संभावनाओं को हकीकत के करीब ले आता है। यह नई तकनीक भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों की सबसे बड़ी समस्या—बार-बार चार्जिंग की जरूरत—को काफी हद तक खत्म कर सकती है।

अब तक इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने के लिए केबल और चार्जिंग स्टेशन पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और सुविधा दोनों प्रभावित होते हैं। लेकिन इस नई वायरलेस चार्जिंग तकनीक के जरिए सड़क पर चलते समय ही गाड़ियों को ऊर्जा दी जा सकेगी, जिससे रुकने की जरूरत लगभग खत्म हो सकती है।

छोटा डिवाइस, बड़ा बदलाव

वैज्ञानिकों ने इस तकनीक को समझने और टेस्ट करने के लिए एक कॉम्पैक्ट टेबलटॉप डिवाइस तैयार किया है। पहले जहां इस तरह की तकनीक के परीक्षण के लिए बड़े ट्रैक और भारी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती थी, वहीं अब यह छोटा डिवाइस उसी प्रक्रिया को लैब में ही आसानी से दोहराने में सक्षम है।

यह सिस्टम सड़क के एक बड़े हिस्से को छोटे मॉडल के रूप में पेश करता है, जिसमें एक घूमने वाला मैकेनिज्म लगाया गया है। यह मैकेनिज्म इस बात का सटीक प्रदर्शन करता है कि गाड़ी चलते समय कैसे वायरलेस तरीके से चार्ज हो सकती है।

चलती गाड़ी में भी मिलेगा चार्ज

इस डिवाइस में वैज्ञानिकों ने करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार जैसी स्थिति तैयार की है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि वास्तविक सड़क पर चल रही गाड़ियों को किस तरह लगातार ऊर्जा सप्लाई की जा सकती है।

इस तकनीक का मूल सिद्धांत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन पर आधारित है, जिसमें सड़क के नीचे लगे कॉइल्स से ऊर्जा ट्रांसफर होकर गाड़ी तक पहुंचती है।

भविष्य में सस्ती और आसान होंगी EVs

अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल होती है, तो इसके कई बड़े फायदे सामने आ सकते हैं—

  • इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बड़ी बैटरी की जरूरत कम होगी
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का दबाव घटेगा
  • लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी
  • इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा किफायती बन सकते हैं

रिसर्च को मिलेगी नई रफ्तार

यह नया टेबलटॉप डिवाइस रिसर्च की गति को भी तेज करेगा। कम लागत और कम जगह में परीक्षण संभव होने से वैज्ञानिक नई तकनीकों को तेजी से विकसित कर पाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसी स्मार्ट सड़कें विकसित की जा सकती हैं, जहां गाड़ियां बिना रुके खुद-ब-खुद चार्ज होती रहेंगी।

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