गोरखपुर में युवक की रहस्यमयी हत्या से सनसनी, रात में घर से निकला था, सुबह खेत में मिला शव

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Javed Haider Zaidi

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“गोरखपुर में हत्या का शिकार हुआ युवक – फाइल फोटो”

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। सहजनवां थाना क्षेत्र में रहने वाला एक युवक मंगलवार रात घर से बाहर गया था, लेकिन वह कभी लौटकर नहीं आया। अगले दिन सुबह गांव के बाहर एक खेत में उसका शव मिलने से हड़कंप मच गया।

फोन कॉल के बाद निकला था घर से

परिजनों के मुताबिक, युवक को रात के समय किसी का फोन आया था। कॉल आने के बाद उसने कहा कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगा, लेकिन पूरी रात बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा, तो परिवार की चिंता बढ़ गई।

सुबह ग्रामीणों ने खेत में एक युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

शव पर मिले चोट के निशान

मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव की जांच की तो शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। इससे साफ है कि युवक के साथ मारपीट की गई और उसकी जान ली गई। घटनास्थल के आसपास संघर्ष के संकेत भी मिले हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।

इलाके में दहशत, परिवार में कोहराम

घटना की खबर फैलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का आरोप है कि युवक को साजिश के तहत घर से बुलाया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई।

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ग्रामीणों ने भी इस घटना को लेकर नाराजगी जताई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

पुलिस जांच में जुटी, हर एंगल से छानबीन

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और आपसी रंजिश समेत सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

इस वारदात ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात में बुलाकर युवक की हत्या होना कई आशंकाओं को जन्म दे रहा है, जिनके जवाब अब पुलिस जांच से ही सामने आएंगे।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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