Schools Closed: पटना में 8वीं तक के स्कूल बंद, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

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Javed Haider Zaidi

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ठंड और कोहरे के बीच बंद स्कूल का गेट, गर्म कपड़ों में बैग लिए बच्चे लौटते हुए – बिहार में शीतलहर के कारण स्कूल बंद होने का दृश्य

Schools Closed: बिहार की राजधानी Patna समेत कई जिलों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। आदेश के अनुसार, पटना में कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 26 दिसंबर तक बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है।

जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और ठंडी हवाओं के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए अलग व्यवस्था

प्रशासन ने साफ किया है कि कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल पूरी तरह बंद नहीं रहेंगे, लेकिन उनकी कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी। इससे छात्रों को सुबह-शाम की तेज ठंड से बचाया जा सकेगा। बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी कक्षाओं को लेकर स्कूलों को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

अन्य जिलों में भी बदला स्कूलों का शेड्यूल

पटना के अलावा बिहार के कई अन्य जिलों में भी शीतलहर को देखते हुए स्कूल बंद करने या समय बदलने का फैसला लिया गया है। कहीं 8वीं तक तो कहीं 12वीं तक की कक्षाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है। जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम में सुधार न होने की स्थिति में अवकाश की अवधि बढ़ाई जा सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, साथ ही घना कोहरा भी छाया रह सकता है। ऐसे में लोगों को सुबह-शाम घर से निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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अभिभावकों से अपील

प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे यदि बाहर निकलें तो पूरी तरह गर्म कपड़ों में रहें, और ठंड से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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