नए साल 2026 का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना अयोध्या! 75% होटल बुक, रामनगरी में जश्न की तैयारी चरम पर

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Javed Haider Zaidi

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Ayodhya New Year 2026 Celebration at Saryu Ghat

नववर्ष 2026 से पहले ही रामनगरी अयोध्या देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहली पसंद बनती जा रही है। हालात यह हैं कि दिसंबर खत्म होने से पहले ही शहर के करीब 75 प्रतिशत होटल और गेस्ट हाउस बुक हो चुके हैं। राम मंदिर दर्शन, सरयू आरती और भव्य सजावट ने अयोध्या को नए साल के जश्न का बड़ा केंद्र बना दिया है।

क्यों खास है अयोध्या का न्यू ईयर?

अयोध्या अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा हब बन चुकी है। राम मंदिर के दर्शन के साथ-साथ दीपोत्सव की तर्ज पर तैयारियां, सरयू तट की भव्यता और शहर की नई इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।

घूमने की ये जगहें बनीं पहली पसंद

नए साल पर अयोध्या आने वाले लोग खासतौर पर इन स्थानों को अपनी लिस्ट में शामिल कर रहे हैं—

  • श्रीराम जन्मभूमि मंदिर – दर्शन के लिए भारी भीड़ की संभावना
  • सरयू घाट – सुबह-शाम की आरती और नाव विहार
  • हनुमानगढ़ी – आस्था और परंपरा का संगम
  • कनक भवन – ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
  • नया अयोध्या कॉरिडोर – आधुनिक सुविधाओं के साथ भव्य अनुभव

होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री में बूम

होटल कारोबारियों के मुताबिक, लक्ज़री होटल से लेकर बजट धर्मशालाएं तक तेज़ी से फुल हो रही हैं। ट्रैवल एजेंसियों ने अयोध्या के लिए विशेष न्यू ईयर पैकेज लॉन्च किए हैं, जिनमें दर्शन, लोकल टूर और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।

प्रशासन भी अलर्ट मोड पर

पर्यटकों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और साफ-सफाई को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। अतिरिक्त पुलिस बल, पार्किंग व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए खास प्लान लागू किया जा रहा है।

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अगर आप भी बना रहे हैं प्लान…

विशेषज्ञों की सलाह है कि यात्रा और ठहरने की बुकिंग पहले से कर लें, क्योंकि अंतिम समय में होटल मिलना मुश्किल हो सकता है। साथ ही, नए साल पर भीड़ को देखते हुए समय प्रबंधन बेहद जरूरी रहेगा।

निष्कर्ष:
नया साल 2026 मनाने के लिए अगर आप शोर-शराबे से दूर, शांति और आस्था के साथ एक यादगार शुरुआत चाहते हैं, तो अयोध्या इस बार सबसे हॉट डेस्टिनेशन बनकर उभर रही है। यही वजह है कि रामनगरी इस न्यू ईयर पर देशभर में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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