MGNREGA की जगह नया ‘VB GramG Bill’ लागू होने का रास्ता साफ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी

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Javed Haider Zaidi

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भारत और VB GramG Bill से जुड़ी तस्वीर – Diplomatist.com से sourced

नई दिल्ली। ग्रामीण रोजगार और विकास व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने VB GramG Bill 2025 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के लागू होने के बाद देश की ग्रामीण रोजगार योजना में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल सकता है। सरकार का दावा है कि यह नया कानून MGNREGA की जगह अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ ग्रामीण विकास मॉडल पेश करेगा।

क्या है VB GramG Bill 2025?

VB GramG Bill 2025 को ग्रामीण भारत की मौजूदा ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल रोज़गार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका, स्किल डेवलपमेंट और गांवों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बिल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में:

  • स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार
  • डिजिटल निगरानी प्रणाली
  • कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाएं
  • पंचायत स्तर पर जवाबदेही

जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

MGNREGA से कैसे अलग होगा नया सिस्टम?

MGNREGA जहां मुख्य रूप से 100 दिन के रोजगार पर केंद्रित थी, वहीं VB GramG मॉडल रोजगार के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास पर फोकस करता है। सरकार का मानना है कि MGNREGA ने रोजगार तो दिया, लेकिन इससे स्थायी आय के स्रोत सीमित रहे।

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नए कानून के तहत:

  • बार-बार अस्थायी काम की जगह स्थायी परियोजनाएं
  • डिजिटल पेमेंट और रियल-टाइम ट्रैकिंग
  • फर्जी जॉब कार्ड और भ्रष्टाचार पर रोक
  • ग्रामीण युवाओं को स्किल आधारित काम

पर ज़ोर दिया जाएगा।

सरकार का पक्ष: क्यों जरूरी था यह बदलाव

सरकार का कहना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए MGNREGA में सुधार अपरिहार्य हो गया था। VB GramG Bill को उसी दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक,

“यह बिल ग्रामीण भारत को केवल मजदूरी नहीं, बल्कि सम्मानजनक और टिकाऊ रोज़गार देने की दिशा में है।”

विपक्ष और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

हालांकि, इस बिल को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि MGNREGA ने करोड़ों गरीब परिवारों को संकट के समय सहारा दिया है और उसे पूरी तरह बदलना जोखिम भरा हो सकता है।

वहीं कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि VB GramG Bill को सही तरीके से लागू किया गया, तो यह ग्रामीण बेरोज़गारी और पलायन को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

ग्रामीण भारत पर क्या पड़ेगा असर?

VB GramG Bill के लागू होने से:

  • गांवों में नए प्रकार के रोजगार पैदा हो सकते हैं
  • युवाओं को शहरों की ओर पलायन से रोका जा सकता है
  • पंचायतों की भूमिका और मजबूत होगी
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है

हालांकि, इसका वास्तविक असर जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

निष्कर्ष

राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही VB GramG Bill 2025 अब कानून बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। यह बिल ग्रामीण भारत के भविष्य को नया आकार दे सकता है। आने वाले महीनों में इसके नियम और दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे, जिसके बाद साफ होगा कि यह बदलाव ग्रामीण जनता के लिए कितना लाभकारी साबित होता है।

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Bank Strike Today: आज बैंक हड़ताल से शाखाएं बंद, लेकिन घबराएं नहीं—UPI, ATM और नेट बैंकिंग से ऐसे निपटाएं जरूरी काम

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Javed Haider Zaidi

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बैंक हड़ताल के दौरान बंद बैंक शाखा का बाहर लगा ताला, एटीएम मशीन और मोबाइल फोन पर चलती डिजिटल बैंकिंग ऐप का प्रतीकात्मक दृश्य।

देशभर में आज ट्रेड यूनियनों और बैंक कर्मचारी संगठनों की ओर से बुलाई गई हड़ताल का असर कई सरकारी बैंकों की शाखाओं पर दिख सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) समेत कई बैंकों की ब्रांचों में स्टाफ की कमी या कामकाज ठप रहने की आशंका है। ऐसे में आम ग्राहकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जरूरी बैंकिंग काम कैसे होंगे।

हालांकि, डिजिटल दौर में “बैंक बंद” का मतलब “बैंकिंग बंद” नहीं है। अगर आपको आज पैसे ट्रांसफर करने हैं, बिल भरना है या कैश निकालना है, तो कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिनसे आपका काम बिना रुके हो सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि हड़ताल के दिन कौन-कौन सी सेवाएं चालू रहेंगी और किन कामों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू, ऐसे निपटाएं काम

1. UPI और डिजिटल वॉलेट: सबसे आसान विकल्प

Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI आधारित ऐप्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। बैंक हड़ताल का सीधा असर डिजिटल पेमेंट सर्वर पर नहीं पड़ता। आप आसानी से किसी को पैसे भेज सकते हैं, दुकानों पर भुगतान कर सकते हैं या QR कोड स्कैन कर ट्रांजेक्शन पूरा कर सकते हैं।

छोटे से बड़े भुगतान तक, UPI आज के दिन सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है।

2. ATM से निकालें कैश

अगर आपको नकद की जरूरत है तो नजदीकी एटीएम का उपयोग करें। अधिकतर बैंकों में एटीएम में कैश भरने का काम आउटसोर्स एजेंसियां करती हैं। इसलिए हड़ताल के बावजूद एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना है।

हालांकि, एहतियात के तौर पर एक से अधिक एटीएम विकल्प ध्यान में रखें।

3. मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग 24×7 उपलब्ध

NEFT, RTGS और IMPS जैसी फंड ट्रांसफर सेवाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जारी रहेंगी। आप अपने बैंक की मोबाइल ऐप या आधिकारिक वेबसाइट से बड़े ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।

इसके अलावा आप घर बैठे ही:

  • एफडी (FD) खुलवा सकते हैं
  • चेकबुक के लिए आवेदन कर सकते हैं
  • अकाउंट स्टेटमेंट डाउनलोड कर सकते हैं

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ये सेवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं।

4. बिल पेमेंट और रिचार्ज में कोई रुकावट नहीं

बिजली, पानी, गैस, मोबाइल या डीटीएच रिचार्ज जैसे कामों के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है। ये सेवाएं ऑटोमेटेड सिस्टम से संचालित होती हैं और पेमेंट ऐप्स या नेट बैंकिंग के जरिए आसानी से की जा सकती हैं।

अगर आपकी बिल की अंतिम तारीख आज है, तो भी आप समय पर भुगतान कर सकते हैं।

5. डेबिट-क्रेडिट कार्ड और POS मशीनें सक्रिय

पेट्रोल पंप, मॉल, मेडिकल स्टोर या ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड सामान्य रूप से काम करेगा। POS मशीनें और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे हड़ताल से प्रभावित नहीं होते।

इसलिए खरीदारी या जरूरी भुगतान में किसी तरह की रुकावट की संभावना नहीं है।

इन कामों के लिए करना पड़ सकता है इंतजार

जहां डिजिटल सेवाएं सुचारु हैं, वहीं कुछ ऐसे कार्य हैं जो केवल बैंक शाखा में ही संभव होते हैं और आज प्रभावित हो सकते हैं:

  • बैंक काउंटर पर कैश जमा करना
  • चेक क्लियरिंग में देरी
  • नया डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना
  • लॉकर एक्सेस
  • केवाईसी अपडेट या लोन संबंधी मीटिंग

यदि आपका काम इन सेवाओं से जुड़ा है, तो आपको अगली कार्यदिवस यानी 13 फरवरी का इंतजार करना पड़ सकता है।

ग्राहकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दिनों में घबराने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करें और केवल अत्यंत जरूरी होने पर ही शाखा संबंधी काम को प्राथमिकता दें।

अगर कोई बड़ा ट्रांजेक्शन करना है तो पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से स्थिति की पुष्टि कर लें। साथ ही, साइबर सुरक्षा का ध्यान रखते हुए केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही उपयोग करें।

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