30 साल के बॉडी बिल्डर Wang Kun का अचानक निधन, हृदय संबंधी समस्या बनी मौत की मुख्य वजह

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Javed Haider Zaidi

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चीन के आठ बार राष्ट्रीय चैंपियन बॉडी बिल्डर वांग कुन की आकस्मिक मृत्यु से फिटनेस जगत में शोक की लहर; अनुशासित जीवन और फिटनेस रूटीन के बावजूद हुआ दिल का दौरा

Wang Kun died: चीन के प्रसिद्ध बॉडी बिल्डर वांग कुन का 30 साल की कम उम्र में आकस्मिक निधन हो गया। उनकी मौत के पीछे मुख्य वजह हृदय संबंधी समस्या मानी जा रही है। यह खबर न केवल चीन में बल्कि अंतरराष्ट्रीय फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग समुदाय में भी गहरी चिंता और शोक का कारण बनी है।

वांग कुन ने अपने करियर में आठ राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीते और उन्हें चीन के सबसे सफल और अनुशासित बॉडी बिल्डर्स में गिना जाता था। अपने करियर के दौरान उन्होंने फिटनेस जगत में युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा की भूमिका निभाई और उन्हें प्रशिक्षण, आहार और मानसिक अनुशासन का महत्व समझाया।

वे अपनी जीवनशैली को “मोंक लाइफ” के रूप में वर्णित करते थे। इसका मतलब था कि उन्होंने अपने खाने-पीने, व्यायाम और दिनचर्या को अत्यधिक अनुशासित रखा। इसके बावजूद उनका दिल कमजोर पड़ गया और उन्हें हृदय संबंधी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा।

स्थानीय बॉडीबिल्डिंग एसोसिएशन और वांग कुन के करीबी सूत्रों के मुताबिक, उनका निधन एक हृदय समस्या के कारण हुआ, जबकि अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है। उनके परिवार और प्रशिक्षकों का कहना है कि वांग कुन ने हमेशा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखा, लेकिन कभी-कभी अत्यधिक ट्रेनिंग और फिजिकल स्ट्रेस भी हृदय को प्रभावित कर सकता है।

वांग कुन केवल एक एथलीट ही नहीं थे, बल्कि एक उद्यमी और फिटनेस ट्रेनर भी थे। उन्होंने अपने होमटाउन हेफेई में “मसल फैक्ट्री जिम” शुरू किया और युवाओं को फिटनेस और जीवनशैली में अनुशासन अपनाने की प्रेरणा दी। उनके जिम में कई युवा एथलीटों ने प्रशिक्षण लिया और राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रदर्शन बढ़ाया।

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उनके अचानक निधन ने फिटनेस कम्युनिटी में हृदय स्वास्थ्य और सप्लीमेंट्स के सुरक्षित उपयोग पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक प्रशिक्षण, गलत सप्लीमेंट्स या मानसिक तनाव के कारण भी युवा एथलीटों में हृदय संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसक और साथी बॉडी बिल्डर्स अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कई लोगों ने उन्हें अनुशासित जीवन, प्रेरक व्यक्तित्व और फिटनेस आइकन के रूप में याद किया। चीन के फिटनेस समुदाय में उनके निधन से शोक की लहर है और उनकी याद में ट्रिब्यूट पोस्ट और वीडियोज़ शेयर किए जा रहे हैं।

वांग कुन का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे फिटनेस जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके जीवन और उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि अनुशासन, मेहनत और समर्पण से इंसान किसी भी मुकाम तक पहुँच सकता है, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

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वॉशिंगटन पोस्ट की बड़ी छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी गई, 12 साल का सफर अचानक थमा

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वॉशिंगटन पोस्ट की छंटनी की खबर के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की फाइल फोटो, जो अखबार से 12 साल की सेवा के बाद नौकरी से हटाए गए।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस फैसले की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और जाने-माने विदेशी मामलों के पत्रकार ईशान थरूर भी आ गए हैं। करीब 12 वर्षों तक अखबार से जुड़े रहने के बाद ईशान को नौकरी से हटा दिया गया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस मुश्किल दौर की जानकारी दी और अपने दर्द को शब्दों में साझा किया।

एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कुल कर्मचारियों के लगभग एक तिहाई हिस्से को नौकरी से निकाल दिया है। इस प्रक्रिया में अखबार का खेल विभाग बंद कर दिया गया है, जबकि कई विदेशी कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लगभग 800 पत्रकारों की टीम में से 300 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ईशान थरूर ने क्या कहा

ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज उन्हें वॉशिंगटन पोस्ट से हटा दिया गया है और उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मियों की भी छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने न्यूज रूम और खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में अखबार की पहचान बनाई।
ईशान ने यह भी कहा कि लगभग 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे केवल सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त रहे, और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम और पाठकों का साथ

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू नाम से कॉलम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया की घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख वफादार पाठकों ने वर्षों तक सप्ताह में कई बार इस कॉलम को पढ़ा, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

वॉशिंगटन पोस्ट में भूमिका

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। भारतीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर उनकी पकड़ को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के दौरे पर था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में भी आए थे।

सोशल मीडिया पर समर्थन

ईशान थरूर की छंटनी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पत्रकारों और पाठकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। लोगों ने उन्हें एक बेहतरीन और गंभीर पत्रकार बताया और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अखबार प्रबंधन की सफाई

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को “दुखद लेकिन जरूरी” बताया है। उनका कहना है कि बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि अखबार को भविष्य के लिए बेहतर दिशा दी जा सके।

मालिकाना हक और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अखबार डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन हालिया छंटनी ने पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया संस्थानों की स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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