FDA की चेतावनी: ऑनलाइन बिक रहे 29 सप्लीमेंट्स में मिला जहरीला पौधा, तुरंत बंद करें इस्तेमाल

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Javed Haider Zaidi

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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिक रहे सप्लीमेंट्स में येलो ओलियंडर जैसे जहरीले तत्व पाए जाने पर FDA की चेतावनी

अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी Food and Drug Administration (FDA) ने एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिक रहे 29 प्रकार के सप्लीमेंट्स में जहरीले तत्व पाए गए हैं। ये उत्पाद खुद को तेजोकोटे रूट या ब्राजील सीड बताकर बेचे जा रहे थे, लेकिन जांच में इनमें खतरनाक “येलो ओलियंडर” पौधे की मौजूदगी सामने आई है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

क्या है पूरा मामला?

एफडीए के मुताबिक, ये सप्लीमेंट्स वजन घटाने और एंटीऑक्सीडेंट फायदे के नाम पर बेचे जा रहे थे। उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाया गया कि ये प्राकृतिक और सुरक्षित उत्पाद हैं। लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि इनमें Yellow Oleander नाम का अत्यंत जहरीला पौधा मिला हुआ है।

यह पौधा मुख्य रूप से Mexico और सेंट्रल अमेरिका के क्षेत्रों में पाया जाता है और इसे मेडिकल साइंस में खतरनाक टॉक्सिन के रूप में जाना जाता है।

स्वास्थ्य पर कितना खतरनाक असर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, येलो ओलियंडर का सेवन शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है। इसके संभावित दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • दिल की धड़कन का असामान्य होना
  • कार्डियक अरेस्ट का खतरा
  • तेज पेट दर्द और उल्टी
  • मानसिक भ्रम (कन्फ्यूजन)
  • गंभीर मामलों में मौत तक

एफडीए ने स्पष्ट कहा है कि यह स्थिति बेहद गंभीर है और किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचना चाहिए।

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कहां-कहां बिक रहे थे ये उत्पाद?

ये खतरनाक सप्लीमेंट्स कई लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध थे, जिनमें Amazon, eBay और Etsy जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा कई स्वतंत्र वेबसाइट्स पर भी इनकी बिक्री की जा रही थी।

कंपनियों का क्या रुख है?

एफडीए के अनुसार, कुछ कंपनियों ने अपने उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने (रिकॉल) का फैसला किया है। हालांकि कई कंपनियां अभी भी संपर्क में नहीं हैं या उन्होंने रिकॉल से इनकार कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है।

2023 से चल रही है जांच

इस मामले की जांच साल 2023 में शुरू हुई थी, जब Centers for Disease Control and Prevention (CDC) की एक रिपोर्ट में यह सामने आया कि तेजोकोटे रूट के नाम पर बेचे जा रहे कुछ उत्पादों में येलो ओलियंडर मौजूद था। इसके बाद एफडीए ने व्यापक जांच शुरू की।

क्यों मिलाया जाता है यह जहरीला तत्व?

विशेषज्ञों के अनुसार, येलो ओलियंडर के टॉक्सिन भूख को दबाते हैं और उल्टी-दस्त जैसे लक्षण पैदा करते हैं। इससे व्यक्ति का वजन तेजी से घटता हुआ दिखता है, लेकिन यह तरीका बेहद खतरनाक और भ्रामक है।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

एफडीए ने लोगों से अपील की है कि:

  • ऐसे किसी भी सप्लीमेंट का इस्तेमाल तुरंत बंद करें
  • संदिग्ध उत्पादों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें
  • यदि सेवन किया है, तो बिना लक्षण के भी डॉक्टर से संपर्क करें
  • गंभीर लक्षण होने पर तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें

पहचान करना क्यों मुश्किल है?

इन जहरीले उत्पादों की पहचान करना आसान नहीं है, क्योंकि येलो ओलियंडर के बीज दिखने में कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थों जैसे कैंडलनट से मिलते-जुलते हैं। इसी वजह से लोग अनजाने में इन्हें इस्तेमाल कर लेते हैं।


Disclaimer:
यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सा सलाह के रूप में न लें। किसी भी सप्लीमेंट या दवा के सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।

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इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया विकिरण का खतरा

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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं, जिसके गंभीर परिणाम पूरे खाड़ी क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर अब तक चार बार हमला किया है। उनका कहना है कि यदि इन हमलों के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका असर ईरान की राजधानी तेहरान से ज्यादा खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि संभावित विकिरण का असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वहां “जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है”, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ईरान का दावा: अमेरिका को हुआ नुकसान

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक A-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, दो MQ-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पश्चिमी देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति पर पश्चिमी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर वही संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले न केवल सैन्य बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद खतरनाक होते हैं। यदि विकिरण फैलता है, तो इसका असर सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

ईरान ने कहा है कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका “स्थायी और सशर्त समाधान” चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।

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