सहारा इंडिया में वर्षों से फंसे निवेशकों के पैसे को लेकर अब एक बार फिर उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार ने ऐसे निवेशकों के लिए नई सुविधा शुरू की है, जिनका रिफंड क्लेम पहले किसी गलती या तकनीकी वजह से रिजेक्ट हो गया था। अब वे अपनी जानकारी में सुधार कर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
सरकार द्वारा शुरू किए गए रीसबमिशन पोर्टल के जरिए निवेशकों को दूसरा मौका दिया जा रहा है। इस फैसले से उन लाखों लोगों को राहत मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से अपने पैसे का इंतजार कर रहे थे।
क्या है नया अपडेट?
नई व्यवस्था के तहत अब निवेशक अपने पुराने क्लेम को सुधारकर फिर से जमा कर सकते हैं। पहले जिन आवेदनों में दस्तावेजों की कमी, गलत जानकारी या अन्य तकनीकी समस्याएं थीं, उन्हें ठीक करने का मौका दिया गया है। इससे पहले कई लोगों के आवेदन इसी वजह से अटक गए थे।
10 लाख रुपये तक का क्लेम होगा स्वीकार
इस बार सरकार ने रिफंड की सीमा को बढ़ाकर बड़ा फैसला लिया है। अब निवेशक 10 लाख रुपये तक की राशि के लिए दोबारा दावा कर सकते हैं। पहले छोटे अमाउंट के क्लेम पर ही ज्यादा फोकस था, लेकिन अब दायरा बढ़ने से ज्यादा लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
45 कार्य दिवस में मिलेगा पैसा
सरकार का कहना है कि सही तरीके से आवेदन करने के बाद क्लेम को तय समय के भीतर निपटाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया लगभग 45 कार्य दिवस में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पहले आवेदन की जांच होगी और फिर भुगतान जारी किया जाएगा।
कैसे करें दोबारा आवेदन?
रिफंड के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा:
- आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है
- बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए
- सभी जरूरी निवेश से जुड़े दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है
- पहले आवेदन में हुई गलतियों को ठीक करना जरूरी है
कितने दिन में होगा फैसला?
आवेदन जमा होने के बाद लगभग 30 दिनों में उसकी जांच पूरी की जाती है। इसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर निवेशक को क्लेम की स्थिति और भुगतान से जुड़ी जानकारी दे दी जाती है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है ये मौका?
यह अपडेट उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिनका पैसा लंबे समय से सहारा में फंसा हुआ है और जिनका क्लेम पहले रिजेक्ट हो गया था। अब उन्हें बिना नई प्रक्रिया शुरू किए, केवल सुधार करके फिर से आवेदन करने का मौका मिल रहा है।