मणिपुर में भूकंप के तेज झटके, विधानसभा का बजट सत्र 5 मिनट के लिए रुका; कामजोंग में था केंद्र

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Javed Haider Zaidi

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मणिपुर विधानसभा में भूकंप के झटकों के दौरान रुका बजट सत्र, कामजोंग जिले में 4.3 तीव्रता का भूकंप महसूस हुआ

मणिपुर में मंगलवार दोपहर उस वक्त हलचल मच गई जब अचानक आए भूकंप के झटकों ने सामान्य जनजीवन के साथ-साथ विधानसभा की कार्यवाही को भी प्रभावित कर दिया। दोपहर करीब 12:08 बजे महसूस हुए इन झटकों के कारण चल रहा बजट सत्र कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

उस समय सदन में कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र ‘जल जीवन मिशन’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। जैसे ही कंपन महसूस हुआ, उन्होंने तुरंत अपना संबोधन रोक दिया। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह ने सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि कुछ ही देर बाद स्थिति सामान्य हो गई और सदन की कार्यवाही फिर से शुरू कर दी गई। इस दौरान किसी तरह की अफरा-तफरी या बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई।

भूकंप की तीव्रता और केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई। इसका केंद्र मणिपुर के कामजोंग जिला में स्थित था और यह जमीन से करीब 45 किलोमीटर की गहराई में आया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस स्तर के भूकंप आमतौर पर हल्के से मध्यम झटके पैदा करते हैं, लेकिन संवेदनशील इलाकों में इनका असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है।

किसी नुकसान की खबर नहीं
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधानसभा भवन या आसपास के क्षेत्रों में किसी भी तरह के नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है।

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2016 की यादें फिर ताजा
मणिपुर भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इससे पहले 2016 मणिपुर भूकंप ने राज्य को गहरा नुकसान पहुंचाया था। उस भूकंप की तीव्रता 6.7 थी और इसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई थीं। इम्फाल का प्रसिद्ध इमा कैथेल बाजार भी उस समय प्रभावित हुआ था।

सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर भारत भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए यहां समय-समय पर ऐसे झटके महसूस होते रहते हैं। हालांकि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ऐसे घटनाक्रम लोगों को सतर्क रहने की याद जरूर दिलाते हैं।

सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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Javed Haider Zaidi

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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