पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रधानमंत्री की रैली से पहले शनिवार को माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। शहर के गिरीश पार्क इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान पत्थरबाजी और हंगामे की खबर सामने आई है। राज्य सरकार में मंत्री डॉ. शशि पांजा के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री की ब्रिगेड ग्राउंड में होने वाली सभा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान गिरीश पार्क के पास दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।
तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थकों ने गिरीश पार्क स्थित राज्य मंत्री शशि पांजा के घर के बाहर पत्थरबाजी की। पार्टी का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता जब रैली के लिए जा रहे थे, तभी उन्होंने तृणमूल समर्थकों पर हमला कर दिया। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि गिरीश पार्क इलाके में वे लोग शांतिपूर्ण जुलूस निकाल रहे थे, तभी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। भाजपा का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
इस झड़प के बीच पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डॉ. शशि पांजा घायल हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर सीधे ईंट से हमला किया गया।
डॉ. शशि पांजा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस घटना में 50 से अधिक तृणमूल कार्यकर्ता घायल हुए हैं। उनके मुताबिक उन पर एक बड़ा पत्थर फेंका गया, जिससे उन्हें चोट आई और उन्हें अंदर ले जाना पड़ा। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के लोग हिंसा फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘भाजपा का बहिष्कार करो’ लिखे बैनर को फाड़ दिया और उसके बाद तृणमूल समर्थकों पर हमला किया। पांजा के अनुसार इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
दूसरी ओर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर तृणमूल ऐसे हमले करवा रही है।
दरअसल, भाजपा ने पश्चिम बंगाल में आगामी 2026 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली थी। यह यात्रा 1 और 2 मार्च से शुरू हुई थी और 4 मार्च को राज्य के नौ अलग-अलग स्थानों से आगे बढ़ाई गई थी। बताया जाता है कि इस यात्रा ने लगभग 50 हजार किलोमीटर का सफर तय किया और 250 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया।
10 मार्च को इस परिवर्तन यात्रा का समापन हुआ था और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। भाजपा का कहना है कि इस सभा के जरिए 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक रणनीति और दिशा तय की जाएगी।
रैली में पहुंचे कई लोगों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे प्रमुख चिंता का विषय बने हुए हैं। भाजपा इन्हीं मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल कोलकाता में हुई इस झड़प ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच में इस घटना की असल वजह क्या सामने आती है।