मार्च में ही तपने लगा देश: राजस्थान-गुजरात में लू का अलर्ट, बिहार समेत 8 राज्यों में बारिश की चेतावनी; दिल्ली में बढ़ेगी गर्मी

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Javed Haider Zaidi

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मार्च में बढ़ती गर्मी के बीच राजस्थान और गुजरात में लू का अलर्ट, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी और दिल्ली में बढ़ता तापमान।

मार्च के शुरुआती दिनों में ही देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। दिन के साथ-साथ अब रातों में भी गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। उत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाके भीषण गर्मी की चपेट में आने लगे हैं, जबकि पहाड़ी राज्यों और पूर्वी भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए अलग-अलग तरह के मौसम अलर्ट जारी किए हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, गुजरात और विदर्भ के कई इलाकों में लू चलने की आशंका जताई गई है। 11 मार्च तक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, गुजरात और मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी दिन का तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रहने का अनुमान है। इससे इन क्षेत्रों में गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया जा सकता है।

मौसम में यह बदलाव एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ 15 मार्च तक हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 10 से 12 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।

इसके अलावा 10 और 11 मार्च को जम्मू-कश्मीर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। वहीं उत्तराखंड में 9 से 15 मार्च के बीच हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर बरकरार रह सकता है।

देश के कई अन्य राज्यों में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार और झारखंड में 10 और 11 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 10 से 13 मार्च के बीच उप-हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

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पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश में 15 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने का अनुमान है। वहीं दक्षिण भारत के राज्य केरल में 10 मार्च को बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

अगर राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां भी गर्मी ने धीरे-धीरे अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि आज आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे लोगों को तेज धूप से थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके बावजूद दिल्ली में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं अगले चार दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। तापमान में इस बढ़ोतरी के साथ राजधानी में गर्मी का असर और ज्यादा बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के शुरुआती दिनों में ही इस तरह तापमान बढ़ना आने वाले महीनों में तेज गर्मी का संकेत हो सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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