12 अगस्त को लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण, जानें भारत में दिखेगा या नहीं और क्या रहेगा असर

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Javed Haider Zaidi

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12 अगस्त 2026 को लगने वाला साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, जो भारत में दिखाई नहीं देगा और रात 9:04 बजे से शुरू होगा।

होली के आसपास लगे चंद्र ग्रहण के बाद अब खगोल प्रेमियों की नजर अगले सूर्य ग्रहण पर है। साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने वाला है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि यह भारतीय समय के अनुसार रात में पड़ेगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां उसका सूतक काल भी मान्य नहीं होता। इसलिए भारत में इस सूर्य ग्रहण का कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा।

यह रहेगा सूर्य ग्रहण का समय

12 अगस्त 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और लगभग आधी रात तक चलेगा।

किन देशों में दिखाई देगा ग्रहण

यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप और उत्तरी क्षेत्रों के कई देशों में देखा जा सकेगा। इनमें रूस, कनाडा, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा आर्कटिक क्षेत्र में भी यह ग्रहण स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा।

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साल 2026 का आखिरी ग्रहण कब होगा

साल 2026 का आखिरी ग्रहण भी अगस्त महीने में ही लगेगा। यह चंद्र ग्रहण होगा, जो 28 अगस्त 2026 को पड़ेगा।

भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 8 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर दोपहर 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। हालांकि यह चंद्र ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा।

यह ग्रहण मुख्य रूप से अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, इराक, ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों में देखा जा सकेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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