BJP ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा शामिल

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Javed Haider Zaidi

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बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए 9 उम्मीदवारों की सूची जारी करते पार्टी नेता, जिसमें बिहार से नितिन नवीन और पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा का नाम शामिल।

राज्यसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी का बड़ा दांव

नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने में महज एक दिन शेष है और इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने 9 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। पार्टी की इस घोषणा ने कई राज्यों की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

बीजेपी की ओर से जारी सूची में बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार, पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा, असम से तेराश गोवाला और जेगेन मोहन, ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और हरियाणा से संजय भाटिया का नाम शामिल है।

बिहार में नितिन नवीन पर दांव

बिहार से दो नामों की घोषणा ने प्रदेश की राजनीति में नई ऊर्जा भर दी है। नितिन नवीन को राज्यसभा के लिए नामित किया जाना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में सक्रिय भूमिका और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

शिवेश कुमार का नाम भी बिहार से सूची में शामिल है, जिससे स्पष्ट है कि बीजेपी राज्य में अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

पश्चिम बंगाल में संगठन को मजबूती का संकेत

पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाए जाने को राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य में बीजेपी लगातार अपना आधार मजबूत करने की कोशिश में है। ऐसे में राज्यसभा के लिए राहुल सिन्हा का चयन पार्टी के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।

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असम और ओडिशा पर भी खास नजर

असम से तेराश गोवाला और जेगेन मोहन के नामों की घोषणा यह दर्शाती है कि पार्टी पूर्वोत्तर भारत में अपने प्रभाव को बरकरार रखना चाहती है। वहीं ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को मौका देकर बीजेपी ने वहां भी संगठनात्मक मजबूती का संकेत दिया है।

छत्तीसगढ़ और हरियाणा से एक-एक उम्मीदवार

छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और हरियाणा से संजय भाटिया को राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। इन नामों को शामिल कर बीजेपी ने विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है।

क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी की यह सूची केवल औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। राज्यसभा में संख्या संतुलन बनाए रखने और आने वाले विधायी सत्रों में मजबूती से अपनी बात रखने के लिए पार्टी ने अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता को प्राथमिकता दी है।

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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