प्रधानमंत्री मोदी इजरायल की 2 दिवसीय यात्रा पर, नेतन्याहू ने भारत को “हेक्सागॉन” गठबंधन में शामिल कर पाकिस्तान-तुर्की को झटका

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल की 2 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर, तेल अवीव हवाईअड्डे पर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा स्वागत, हेक्सागॉन एलायंस में भारत की शामिल होने की घोषणा के दौरान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इजरायल की 2 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए। सुबह दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन से उनके विमान ने उड़ान भरी। इजरायल पहुंचने से पहले ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को “हेक्सागॉन” एलायंस में शामिल करने की घोषणा कर दी, जिससे पाकिस्तान और तुर्की को कड़ा राजनीतिक संदेश गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने उड़ान भरने से पहले एक्स पर लिखा कि भारत और इजरायल के बीच मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है। उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत का मुख्य फोकस रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार, कृषि, जल प्रबंधन और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करना होगा। पीएम मोदी इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हरोग से भी मुलाकात करेंगे और इजरायली संसद “नेसेट” को संबोधित करेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा नेसेट में दिया जाने वाला पहला भाषण होगा।

पीएम मोदी का कार्यक्रम:
पीएम मोदी का यह इजरायल दौरा मुख्य रूप से रक्षा, सुरक्षा, उच्च तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और व्यापार सहयोग पर केंद्रित है। वह स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे तेल अवीव के बेन गुरिऑन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां इजरायली पीएम नेतन्याहू उन्हें रिसीव करेंगे।

येरुशलम में पहुंचने के बाद पीएम मोदी का इजरायली संसद नेसेट में स्वागत होगा। इसके बाद वह संसद को संबोधित करेंगे और शाम को तकनीकी और एआई पर फोकस इनोवेशन इवेंट में शामिल होंगे। शाम 7:30 बजे नेतन्याहू और उनकी पत्नी के साथ किंग डेविड होटल में आधिकारिक डिनर में हिस्सा लेंगे। यात्रा के दूसरे दिन पीएम मोदी याद वशेम होलोकॉस्ट मेमोरियल का दौरा करेंगे और इसके बाद द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर और संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। दोपहर 2:00 बजे वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

नेतन्याहू की घोषणा और हेक्सागॉन एलायंस:
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भारत को हेक्सागॉन एलायंस में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह गठबंधन उग्रवादियों और आतंकवाद के खिलाफ बनाया गया है। उन्होंने भारत को “वैश्विक शक्ति” और पीएम मोदी को “व्यक्तिगत मित्र” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध पहले से और मजबूत हो गए हैं।

Also Read

हेक्सागॉन गठबंधन में भारत-इजरायल के अलावा, अरब राष्ट्र, अफ्रीकी राष्ट्र, भूमध्यसागरीय राष्ट्र (जैसे ग्रीस और साइप्रस) और अन्य एशियाई देश शामिल हैं। यह गठबंधन विशेष रूप से उग्रवादी शिया और सुन्नी समूहों के खिलाफ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का उद्देश्य रखता है।

इस यात्रा के दौरान भारत और इजरायल कई महत्वपूर्ण रक्षा और तकनीकी समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेंगे।

Next Post

जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

Next Post

Loading more posts...