हरियाणा में IDFC First Bank के 590 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में विजिलेंस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में घोटाले के मास्टरमाइंड रिभव ऋषि के साथ तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रिभव ऋषि के अलावा अभय, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला शामिल हैं।
घोटाला बैंक की चंडीगढ़ शाखा से जुड़ा हुआ है और इसकी वजह से निवेशकों की संपत्ति में अनुमानित 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी गिरावट देखने को मिली। यह मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार से जुड़े संस्थानों ने बैंक खातों में दर्ज वास्तविक राशि और रिकॉर्ड में दर्ज राशि में अंतर की शिकायत की।
विजिलेंस टीम के अनुसार, यह घोटाला बैंक की पूरी तिमाही आय से भी अधिक था। इस खुलासे के बाद IDFC First Bank के शेयर सोमवार को लगभग 20% तक गिर गए, और लोअर सर्किट तक पहुंच गए। इस घटना ने वित्तीय बाजार और निवेशकों में चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है ताकि निवेशकों के हित सुरक्षित रहें और वित्तीय संस्थाओं में विश्वास बनाए रखा जा सके।
विजिलेंस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना को भी खंगाला जा रहा है। इस घोटाले की विस्तृत जांच और आगे की कार्रवाई हरियाणा सरकार के सहयोग से की जा रही है।