अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और व्यापारिक अनिश्चितता का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी तथा 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ के ऐलान के बाद सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते दोनों कीमती धातुओं के भाव तेजी से ऊपर चढ़े हैं।
MCX पर सोने ने पार किया 1.60 लाख का स्तर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यह पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले करीब 3,700 रुपये की बढ़त है। प्रतिशत के लिहाज से इसमें करीब 2.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
बाजार खुलते ही खरीदारी का दबाव इतना ज्यादा था कि कुछ ही घंटों में सोना नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों का रुख साफ तौर पर सुरक्षित विकल्पों की ओर जाता दिखा।
चांदी में 15,200 रुपये की बड़ी छलांग
चांदी की कीमतों में सोने से भी ज्यादा तेजी देखी गई। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 15,200 रुपये उछलकर करीब 2,68,120 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। यह करीब 6 प्रतिशत की बढ़त है, जो एक दिन में बड़ी तेजी मानी जा रही है।
चांदी में यह उछाल बताता है कि निवेशकों के साथ-साथ औद्योगिक मांग की उम्मीदों का भी असर बाजार पर पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती
अमेरिकी कमोडिटी एक्सचेंज COMEX (COMEX) पर भी सोने और चांदी के भाव में मजबूती देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है, क्योंकि घरेलू कीमतें वैश्विक संकेतों से प्रभावित होती हैं।
तेजी की मुख्य वजहें
1. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता टकराव
न्यूक्लियर डील को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। जंग की आशंका से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का माहौल बन गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियों की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
2. 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ
अमेरिका द्वारा आयात पर 15 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। इससे वैश्विक इक्विटी बाजारों में गिरावट और अनिश्चितता देखी जा रही है।
3. शेयर बाजार में दबाव
तनाव और टैरिफ के कारण निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी है। जोखिम कम करने के लिए वे सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
संकट में क्यों बढ़ती है सोने की मांग?
इतिहास बताता है कि जब भी दुनिया में युद्ध, आर्थिक संकट या व्यापारिक अस्थिरता की स्थिति बनती है, तब सोने की कीमतों में तेजी आती है। इसकी वजहें साफ हैं:
- सोना लंबे समय तक मूल्य बनाए रखता है
- महंगाई के समय इसकी कीमतें बढ़ती हैं
- इसे आसानी से नकदी में बदला जा सकता है
- शेयर बाजार से इसका संबंध अक्सर उल्टा रहता है
चांदी भी निवेश और औद्योगिक उपयोग दोनों कारणों से महत्वपूर्ण है, इसलिए अस्थिर माहौल में इसमें भी तेजी देखी जाती है।
आगे क्या रहेगा रुख?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम नहीं होता और टैरिफ को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तो सोना-चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, तेजी के बाद हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम और आर्थिक फैसलों पर टिकी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात किस दिशा में जाते हैं, उसी के आधार पर कीमती धातुओं की अगली चाल तय होगी।