राजपाल यादव को 10 दिन जेल में रहने के बाद मिली अंतरिम जमानत, चेक बाउंस केस में पूरी की अदालत की दो शर्तें

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Javed Haider Zaidi

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राजपाल यादव चेक बाउंस केस में जेल से बाहर आते हुए

कॉमिक अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में 10 दिन जेल में रहने के बाद अंतरिम जमानत मिल गई है। अदालत ने अभिनेता को जेल से बाहर आने के लिए दो शर्तें पूरी करने को कहा, जिन्हें राजपाल यादव ने समय पर पूरा किया। अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें अभिनेता को फिजिकली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

जमानत पाने की शर्तें और भुगतान

दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कराएं। अभिनेता ने अदालत के आदेश का पालन करते हुए तीन बजे से पहले राशि जमा करा दी। इसके बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि राजपाल यादव अपना पासपोर्ट सरेंडर करें और सभी शर्तों का पालन करें।

राजपाल यादव की भतीजी की शादी 19 फरवरी को शाहजहांपुर में होने वाली है। इसके बावजूद अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक सभी शर्तों का पालन अनिवार्य है।

मामला कैसे बना विवादित

राजपाल यादव की कानूनी परेशानियों की शुरुआत साल 2010 से मानी जाती है। उन्होंने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।

फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन न कर पाने के कारण अभिनेता को बड़ा आर्थिक झटका लगा। कर्ज समय पर न चुकाने के कारण सात चेक बाउंस हो गए और मामला अदालत तक पहुँच गया।

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अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया और उन्हें 6 महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद से केस कई अदालतों में चला और कर्ज की राशि ब्याज के साथ बढ़कर 9 करोड़ रुपये तक पहुँच गई।

पिछली जेल की घटनाएँ

अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, राजपाल यादव ने फिल्म निर्माण के लिए लिया गया कर्ज समय पर न चुकाने के कारण 2018 में पहले भी जेल जाना पड़ा था। अदालत ने बार-बार उन्हें बकाया राशि का भुगतान करने और आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए यह खबर तब काफी चर्चा में रही। इसी मामले में अदालत ने 6 फरवरी 2026 को उन्हें तिहाड़ जेल में दोबारा सरेंडर करने का आदेश दिया था। अभिनेता ने तब भी अपने भुगतान और शर्तों का पालन करने का आश्वासन दिया।

अदालत की शर्तें और अगली सुनवाई

राजपाल यादव की अंतरिम जमानत के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि:

  1. 1.5 करोड़ रुपये शिकायतकर्ता के खाते में जमा कराए जाएं।
  2. राजपाल यादव अपना पासपोर्ट सरेंडर करें।

अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को होगी। अदालत ने कहा है कि उस दिन राजपाल यादव का फिजिकली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

इंडस्ट्री और जनता की प्रतिक्रिया

कॉमिक अभिनेता के रूप में राजपाल यादव की लोकप्रियता को देखते हुए यह मामला फिल्म इंडस्ट्री में काफी चर्चा में रहा। अभिनेता की जमानत मिलने से उनके सहयोगियों और प्रशंसकों में राहत की भावना है। हालांकि, अदालत ने साफ कर दिया है कि अगली सुनवाई तक सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

राजपाल यादव ने फिल्म उद्योग में अपनी पहचान हास्य और कॉमिक रोल्स के जरिए बनाई है। बावजूद इसके, उनके आर्थिक विवाद ने उन्हें कानूनी संकट में डाल दिया।

केस का सारांश

  • मामला: राजपाल यादव पर 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस का आरोप
  • शिकायतकर्ता: मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
  • पहली सजा: अप्रैल 2018, 6 महीने की साधारण कारावास
  • फिल्म से कर्ज: ‘अता पता लापता’ (2012)
  • अंतरिम जमानत: 16 फरवरी 2026
  • अगली सुनवाई: 18 मार्च 2026
  • शर्तें: 1.5 करोड़ रुपये जमा करना और पासपोर्ट सरेंडर करना

राजपाल यादव की जमानत मिलने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में हलचल है और प्रशंसक उनके जल्दी बाहर आने की उम्मीद कर रहे हैं। यह मामला उनके लिए न केवल कानूनी बल्कि व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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Javed Haider Zaidi

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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