यूपी में कानून और विकास की जीत: CM योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा ‘न कर्फ्यू न दंगा, सब चंगा’

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानपरिषद में विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए प्रदेश में कानून और विकास की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए भाषण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में अब न कर्फ्यू है न दंगा, और प्रदेश कानून और सुरक्षा की मिसाल बन चुका है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानपरिषद में विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने संबोधन में न केवल राज्य की उपलब्धियों को रेखांकित किया बल्कि यह भी कहा कि अब उत्तर प्रदेश अपराध और अस्थिरता की पुरानी छवि से उभरकर विकास और कानून की मिसाल बन चुका है।

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में प्रदेश अपराध का गढ़ बन गया था। उन्होंने कहा कि उस समय गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे और वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की नीति से जनता भयभीत थी। उनकी सरकार ने आते ही “रूल ऑफ लॉ” स्थापित किया और प्रदेश में कानून का राज कायम किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यूपी में सब चंगा है। भारत की आत्मा यूपी से है।”

संवैधानिक पदों का अपमान और विपक्षी व्यवहार

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर संवैधानिक पदों का अपमान करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख होती हैं और उनके प्रति मुख्य प्रतिपक्ष का असम्मान लोकतंत्र को कमजोर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का यह रवैया अवमानना के दायरे में आता है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सपा पर तीखा हमला: रामभक्तों और राष्ट्र के प्रतीकों के खिलाफ रवैया

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर विभिन्न घटनाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा ने रामभक्तों पर गोली चलवाई, कांवड़ यात्राओं पर रोक लगाई, और राम मंदिर तथा काशी विश्वनाथ की भावना का विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सपा ने वंदे मातरम् और राष्ट्रगीत का अपमान किया, जो संविधान की अवहेलना के समान है।

सीएम योगी ने कहा, “राष्ट्रनायकों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। आक्रांताओं और देशद्रोहियों को प्रदेश में किसी भी तरह का समर्थन नहीं मिलेगा।”

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उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति और विकास

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति का भी बारीकी से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कानून का राज है, दंगे नहीं होते और विकास की राह पर यूपी अग्रसर है। उन्होंने बताया कि यूपी अब सरप्लस स्टेट बन गया है और खाद्यान्न उत्पादन में नंबर वन है।

उन्होंने किसानों की स्थिति पर भी जोर दिया और कहा कि पहले किसान केवल वोटबैंक बनते थे, अब वे उद्यमी बन रहे हैं। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश की पहचान अब रंगोत्सव और दीपोत्सव से होती है, और राज्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में आक्रांताओं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रदेश की कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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