बिहार में शिक्षक भर्ती का बड़ा बदलाव: अब राज्य स्तरीय टीईटी नहीं, केवल सीटीईटी मान्य

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Javed Haider Zaidi

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बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए अब राज्य स्तरीय टीईटी नहीं होगी, केवल केंद्रीय टीईटी (CTET) मान्य रहेगी, सरकार ने शिक्षक पात्रता प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया।

बिहार में शिक्षक भर्ती का बड़ा बदलाव: बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए हाल ही में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब बिहार में अलग से शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी बीटीईटी आयोजित नहीं की जाएगी। इसके बजाय केवल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) की मेरिट को ही मान्यता दी जाएगी।

टीईटी का स्वरूप बदला, पात्रता बनी जरूरी

पहले स्थिति यह थी कि बिहार में शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवार के पास या तो राज्य की बीटीईटी या केंद्र की सीटीईटी की पात्रता होनी चाहिए थी। अब राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि राज्य स्तर की परीक्षा को बंद कर केवल सीटीईटी को मान्यता दी जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि शिक्षक बनने के लिए अब भी पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य है। सिर्फ परीक्षा का स्वरूप बदल गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला

सरकार ने इस बदलाव के पीछे कई कारण बताए हैं। एक प्रमुख कारण यह बताया जा रहा है कि अलग-अलग परीक्षाओं से भर्ती प्रक्रिया जटिल और विवादास्पद हो जाती थी। राज्य स्तर की परीक्षा आयोजित करने में समय और संसाधनों की भी अधिक खपत होती थी। अब केवल सीटीईटी को मान्यता देने से भर्ती प्रक्रिया अधिक एकरूप और पारदर्शी होगी।

हालांकि, इस फैसले पर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि राज्य की अपनी परीक्षा होने से स्थानीय पाठ्यक्रम और राज्य की जरूरतों के अनुसार प्रश्न पूछे जा सकते थे। वहीं कुछ अभ्यर्थियों को चिंता है कि अब केवल सीटीईटी पर निर्भरता बढ़ने से प्रतियोगिता और कड़ी हो सकती है, क्योंकि यह परीक्षा पूरे देश के स्तर पर आयोजित होती है।

भर्ती प्रक्रिया पर असर

शिक्षक भर्ती की मुख्य प्रक्रिया पहले की तरह ही अलग से होगी। पात्रता परीक्षा केवल यह तय करती है कि उम्मीदवार आवेदन करने योग्य है या नहीं। अंतिम चयन लिखित परीक्षा, मेरिट और अन्य नियमों के आधार पर किया जाएगा। यह बदलाव केवल पात्रता परीक्षा के स्तर को प्रभावित करता है, भर्ती की अन्य प्रक्रिया जस की तस रहेगी।

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अभ्यर्थियों के लिए क्या जरूरी है

बिहार में शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों को भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए। अब भी शिक्षक बनने के लिए पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य है, लेकिन केवल सीटीईटी ही मान्य होगी। उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) के अनुसार केंद्रित करना चाहिए और आगामी भर्ती परीक्षाओं के लिए रणनीति बनानी चाहिए।

सरकार का यह फैसला शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही प्रतियोगिता बढ़ने और तैयारी की चुनौती भी बढ़ गई है।

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यूपी पुलिस SI परीक्षा आज से: समय से पहले पहुंचें, ये दस्तावेज़ ले जाना अनिवार्य, पढ़ें पूरी गाइडलाइन

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परीक्षा केंद्र के बाहर एडमिट कार्ड और दस्तावेज़ लेकर लाइन में खड़े यूपी पुलिस SI परीक्षा 2026 के अभ्यर्थी, सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश करते हुए।

यूपी पुलिस SI परीक्षा आज से, दो दिन दो शिफ्ट में होगी परीक्षा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित UP Police SI Exam 2026 आज यानी 14 मार्च से शुरू हो रही है। यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सभी जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने और समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पांच मिनट अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।

परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना अनिवार्य

परीक्षा को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीदवारों को कम से कम 60 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा।

यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के बाद केंद्र पर पहुंचता है तो उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक या अन्य किसी संभावित देरी से बचने के लिए समय से पहले ही घर से निकलें।

परीक्षा में क्या-क्या ले जाना अनिवार्य

परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए कुछ दस्तावेज़ों का साथ होना बेहद जरूरी है। इनके बिना अभ्यर्थी को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अनिवार्य दस्तावेज़ इस प्रकार हैं:

  • UP SI Admit Card 2026 की प्रिंटेड कॉपी
  • वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID या अन्य सरकारी पहचान पत्र)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • काला या नीला बॉलपॉइंट पेन
  • जाति या आरक्षण प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • PwD या दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • सरकारी ID प्रूफ की अतिरिक्त कॉपी (जरूरत पड़ने पर)

अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के दिन साधारण और आरामदायक कपड़े पहनकर आएं। भारी आभूषण, घड़ियां या अन्य अनावश्यक एक्सेसरीज़ पहनने से बचें, क्योंकि सुरक्षा जांच के दौरान इन्हें हटाने के लिए कहा जा सकता है।

परीक्षा में क्या ले जाना सख्त मना

परीक्षा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए कई वस्तुओं को परीक्षा केंद्र में ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें शामिल हैं:

  • मोबाइल फोन
  • स्मार्ट वॉच
  • ब्लूटूथ डिवाइस या ईयरफोन
  • कैलकुलेटर
  • नोट्स, किताबें या किसी प्रकार की लिखित सामग्री
  • किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट

यदि किसी अभ्यर्थी के पास ये वस्तुएं पाई जाती हैं तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए प्रदेश भर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात किए गए बल की संख्या इस प्रकार है:

  • राजपत्रित अधिकारी – 372
  • निरीक्षक – 2142
  • उप निरीक्षक – 7640
  • मुख्य आरक्षी – 8479
  • आरक्षी – 12969
  • होमगार्ड – 749
  • पीएसी – 4 कंपनी और 2 प्लाटून जनपदों में, जबकि 3 प्लाटून पीएसी जीआरपी को

प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से पहले अपने एडमिट कार्ड और सभी जरूरी दस्तावेज़ों को अच्छी तरह जांच लें। साथ ही परीक्षा केंद्र का पता पहले से देख लें ताकि परीक्षा के दिन किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

समय पर पहुंचना, नियमों का पालन करना और किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों से दूर रहना ही परीक्षा को सुचारू रूप से देने का सबसे अच्छा तरीका माना जा रहा है।

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