केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा हमला: कहा- संसद सदस्य बनने लायक नहीं, नेता प्रतिपक्ष बने

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अम्बेडकरनगर में जी राम जी योजना चौपाल में पत्रकारों से बात करते हुए, राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए।

अम्बेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता Keshav Prasad Maurya (केशव प्रसाद मौर्य) ने शनिवार को अम्बेडकरनगर में आयोजित जी राम जी योजना की चौपाल में विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लिया।

राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी

चौपाल के दौरान मौर्य ने कहा, “देश का दुर्भाग्य है कि संसद सदस्य बनने लायक नहीं व्यक्ति आज नेता प्रतिपक्ष बना बैठा है।” उन्होंने राहुल गांधी पर गैर जिम्मेदार और सत्ता पाने के लिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। मौर्य का कहना था कि विपक्ष जनता के सामने अपनी नीतियों के बजाय व्यक्तिगत हित और भ्रम फैलाने में लगा है।

अखिलेश यादव पर निशाना

डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर भी हमला करते हुए कहा कि बिहार चुनाव के बाद से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। मौर्य ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान आतंकियों के मुकदमों को वापस लेने की कोशिश की गई थी, जिनमें बाद में कई दोषियों को फांसी और आजीवन कारावास की सजा मिली।

आरक्षण और संविधान सुरक्षित

केशव प्रसाद मौर्य ने संविधान और आरक्षण की सुरक्षा को लेकर भी भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में संविधान और आरक्षण पूरी तरह सुरक्षित हैं और भविष्य में भी जारी रहेंगे।

सपा का पीडीए फॉर्मूला फर्जी

उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले को फर्जी बताते हुए कहा कि यह न तो पिछड़ों और गरीबों के हित में है और न ही समाज के व्यापक विकास के लिए, बल्कि केवल परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली नीति है।

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2027 में फिर भाजपा की सरकार का दावा

केशव मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनका कहना था कि भाजपा अवध और पूरे उत्तर प्रदेश में कमल खिला कर फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा, मुंबई, दिल्ली और बिहार में भाजपा की सरकार बनने से विपक्ष बौखलाया हुआ है और यही उनकी असफलता का संकेत है।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने इस अवसर पर विकास कार्यों की समीक्षा भी की और जनता के बीच सरकार की योजनाओं के लाभों को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार गरीबों और पिछड़ों के हित में काम कर रही है और विकास की गति को और तेज किया जाएगा।

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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