गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Yogi Adityanath ने गोरखपुर के विकास खंड जंगल कौड़िया में पुनः निर्मित विकास अधिकारी कार्यालय के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की हवा इतनी प्रदूषित है कि वहां का माहौल ‘‘गैस चैंबर’’ जैसा महसूस होता है।
आदित्यनाथ ने कहा, “आप दिल्ली जाइए, क्या हालत है? हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है। आंखों में जलन होती है और डॉक्टरों की सलाह है कि अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं वाले बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर न निकलें। क्या यही जीवन है?”
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन यहां का माहौल घुटन भरा नहीं है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ ऐसी ही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
गोरखपुर में पर्यावरण और रोजगार पर बल
मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय (फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी) का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, “इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा प्राप्त करने वाले युवाओं को देश और विदेश में रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे। साथ ही यह किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा।”
आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो, तो परिणाम अपने आप सामने आते हैं। उन्होंने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश और गोरखपुर के विकास की समीक्षा करते हुए बताया कि अच्छी दिशा में किए गए प्रयासों से गोरखपुर में खाद कारखाना चालू हो चुका है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामपति यादव को किया याद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय रामपति यादव, जो 1952 से गोरक्षपीठ से जुड़े रहे और 1962 में जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बने, को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने बताया कि रामपति यादव ने शालीनता और सहजता के साथ लंबे समय तक लोगों की सेवा की और इसी प्रयास के चलते ब्लॉक मुख्यालय की स्थापना हुई।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता: आंकड़े भी चिंताजनक
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार सुबह नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री ने इसे गहन चिंता का विषय बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
आदित्यनाथ ने गोरखपुर के कार्यक्रम में यह संदेश दिया कि विकास और पर्यावरण दोनों को संतुलित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हम खुशकिस्मत हैं कि उत्तर प्रदेश में विकास हो रहा है, लेकिन दम घुटने वाला माहौल नहीं है।”