चांदी की कीमतों में भूकंप जैसी गिरावट: जानिए आज कितने में हुई 1 किलो की कीमत

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Javed Haider Zaidi

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“चांदी की कीमतों में तेज गिरावट, 4.20 लाख से घटकर 2.50 लाख रुपये प्रति किलो, निवेशकों में चिंता, एमसीएक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव, भविष्य की कीमतों पर असर”

चांदी (Silver) निवेशकों के लिए इस समय चिंता का विषय बन गई है। कुछ ही समय पहले रिकॉर्ड स्तर 4.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने वाली चांदी अब तेज गिरावट के बाद लगभग 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। इस तेजी से हुई गिरावट ने बाजार में सनसनी पैदा कर दी है और निवेशकों में सवाल उठना शुरू हो गए हैं कि क्या कीमतें और नीचे जाएंगी या फिर दोबारा तेजी पकड़ेंगी।

गिरावट के पीछे के मुख्य कारण

  1. अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़े
    हाल के अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने संकेत दिया है कि वहां जल्द ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है। जब ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद घटती है, तो डॉलर मजबूत होता है।
  2. डॉलर की मजबूती
    चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में तय होती है। डॉलर मजबूत होने से चांदी महंगी हो जाती है, जिससे वैश्विक मांग पर असर पड़ता है और कीमतों में दबाव आता है।
  3. मुनाफावसूली का दबाव
    रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। बड़े स्तर पर बिकवाली होने से चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट देखने को मिली।
  4. अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
    कॉमेक्स सिल्वर (COMEX) ने 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद तेजी से नीचे गिरावट दिखाई। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और निवेशकों के मन में असुरक्षा की भावना बढ़ी।

हाल के रुझान और बाजार का माहौल

एमसीएक्स पर चांदी का भाव फिलहाल 2.30 लाख से 2.70 लाख रुपये प्रति किलो के दायरे में कारोबार कर रहा है। यह गिरावट औसत से ज्यादा तेज रही है, जो दर्शाती है कि बाजार फिलहाल अस्थिर दौर से गुजर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पावधि में दबाव बना रह सकता है, लेकिन दीर्घकाल में चांदी की औद्योगिक मांग (सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर) मजबूत रहने की संभावना है। इससे कीमतों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

निवेशक क्या करें?

बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे इस समय सावधानी और लंबी अवधि की रणनीति अपनाएं। तेज गिरावट के बावजूद यह समय अवसर की तलाश करने का भी हो सकता है।

  • शॉर्ट टर्म में निवेशक केवल जरूरी मात्रा ही रखें।
  • लॉन्ग टर्म निवेश के लिए औद्योगिक मांग और वैश्विक अनिश्चितताओं को ध्यान में रखें।
  • बाजार की अस्थिरता के कारण जल्दबाजी में निर्णय न लें।
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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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