सपा के तेजतर्रार प्रवक्ता मनोज यादव गिरफ्तार, दो दिन से लापता, पत्नी ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

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Javed Haider Zaidi

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"सपा प्रवक्ता मनोज यादव को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार किया, दो दिन से लापता थे, पत्नी ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट, धमकी और जाति सूचक शब्दों का आरोप"

बाराबंकी: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब वह पिछले दो दिन से अचानक लापता थे। उनके गायब होने के बाद उनकी पत्नी ने लखनऊ के गोमतीनगर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

समाजवादी पार्टी ने इस घटना को गंभीर विषय बताया और आधिकारिक ट्विटर/एक्स (X) हैंडल से ट्वीट कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने कहा कि मनोज यादव की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो।

गिरफ्तारी और आरोप

बाराबंकी पुलिस के मुताबिक, मनोज यादव पर धमकी देने और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप है। इस संबंध में थाना सफदरगंज में मुकदमा संख्या 50/26 दिनांक 11 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था।

पुलिस ने बताया कि जांच के बाद मनोज यादव उर्फ बब्लू, पुत्र रामकुंवर, निवासी ग्राम भगोलापुरवा, थाना सफदरगंज, बाराबंकी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सपा की प्रतिक्रिया और मीडिया में चर्चा

समाजवादी पार्टी ने मनोज यादव की गुमशुदगी पर चिंता जताई। पार्टी ने कहा कि उनके अचानक गायब होने की खबर अत्यंत गंभीर है और प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

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मनोज यादव सपा के तेजतर्रार प्रवक्ता माने जाते हैं और टीवी चैनलों पर अक्सर पार्टी का पक्ष रखते हैं। उनके आक्रामक अंदाज और स्पष्ट विचारों के कारण यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।

सपा ने ट्वीट में लिखा:
“समाजवादी पार्टी के टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव कल रात से लापता हैं। यह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खोजबीन करे।”

स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां

मनोज यादव की गिरफ्तारी और गुमशुदगी की खबर ने स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बटोरी हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले की मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया पर चर्चा आने वाले दिनों में बढ़ सकती है।

मनोज यादव का राजनीतिक प्रोफाइल

मनोज यादव बाराबंकी के रहने वाले हैं और लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। वह टीवी पैनल्स और मीडिया मंचों पर पार्टी की ओर से सक्रिय रहते हैं। उनका तेज और आक्रामक अंदाज उन्हें पार्टी के प्रभावशाली प्रवक्ताओं में शामिल करता है।

पुलिस अब मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने भरा नामांकन, 2028 तक तय होगा कार्यकाल; निर्विरोध चुनाव लगभग पक्का

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जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल करते हुए संबंधित दस्तावेज जमा करते नेता और पार्टी कार्यकर्ता

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनकी ओर से दो सेट में नामांकन पत्र जमा किए। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 22 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, अन्यथा नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक चुनाव पूरे, अब केवल औपचारिकता शेष

जेडीयू ने प्रदेश स्तर तक संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे कर लिए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया ही बची है। 24 मार्च नाम वापसी की अंतिम तारीख है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल किसी अन्य नेता द्वारा दावेदारी सामने नहीं आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन के हर स्तर पर कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि नीतीश कुमार ही पार्टी की कमान संभाले रखें। इससे साफ है कि जेडीयू फिलहाल अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

बिहार की राजनीति में नए संकेत

इस बीच बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बाद उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री सुर्खियों में है। साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान भी सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए।

इसी कड़ी में नीतीश कुमार कई मंचों से मौजूदा गृह मंत्री सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दिए हैं, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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