खार्किव में रूसी ड्रोन का कहर: पिता और तीन मासूम बच्चों की मौत, 35 हफ्ते की गर्भवती मां जिंदगी के लिए जंग लड़ रही

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Javed Haider Zaidi

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यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र के बोहोदुखिव शहर में रूसी ड्रोन हमले के बाद ध्वस्त हुआ रिहायशी घर और बचाव कार्य करते राहतकर्मी

खार्किव में रूसी ड्रोन का कहर: यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी खार्किव क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रूसी ड्रोन हमले में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें 34 वर्षीय पिता और उसके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। इस हमले में 35 हफ्ते की गर्भवती मां गंभीर रूप से घायल हो गई है और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार यह हमला खार्किव क्षेत्र के बोहोदुखिव शहर में हुआ, जो रूसी सीमा से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। देर रात हुए इस ड्रोन हमले में एक रिहायशी घर को निशाना बनाया गया। ड्रोन के टकराते ही घर में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। आसपास के लोगों ने जब तक राहत टीम को सूचना दी, तब तक पूरा घर मलबे में तब्दील हो चुका था।

मलबे से चार शव बरामद किए गए। मृतकों में पिता के साथ उसके दो साल के जुड़वां बेटे और एक साल की बेटी शामिल हैं। यह खबर पूरे इलाके में शोक की लहर बनकर फैल गई। बचावकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद गर्भवती मां को जिंदा बाहर निकाला। वह गंभीर रूप से घायल है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हमले में Geran-2 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिसे रूस द्वारा तैनात किया जाता है। यह ड्रोन ईरानी शाहेद ड्रोन का रूसी संस्करण माना जाता है और बीते महीनों में कई बार यूक्रेन के नागरिक इलाकों को निशाना बना चुका है।

बोहोदुखिव के मेयर वोलोडिमिर बिएली ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तीन दिन के शोक की घोषणा की है। इस दौरान शहर में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे और सभी सार्वजनिक व मनोरंजन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। मेयर ने कहा कि एक मां ने अपने पूरे परिवार को खो दिया है, और यह दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले यह साबित करते हैं कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को और ठोस कदम उठाने होंगे। राष्ट्रपति ने दोहराया कि यूक्रेन को स्पष्ट सुरक्षा गारंटी और मजबूत वैश्विक समर्थन की आवश्यकता है।

इसी बीच यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के कुछ इलाकों में ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के वोल्गोग्राड क्षेत्र में एक औद्योगिक इकाई में आग लग गई, जबकि एक रिहायशी इमारत को भी नुकसान पहुंचा है।

लगातार जारी ड्रोन हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खार्किव की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि युद्ध की कीमत आखिर कौन चुका रहा है। एक परिवार का उजड़ना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन अनगिनत कहानियों में से एक है जो इस संघर्ष में हर दिन जन्म ले रही हैं।

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इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया विकिरण का खतरा

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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं, जिसके गंभीर परिणाम पूरे खाड़ी क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर अब तक चार बार हमला किया है। उनका कहना है कि यदि इन हमलों के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका असर ईरान की राजधानी तेहरान से ज्यादा खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि संभावित विकिरण का असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वहां “जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है”, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ईरान का दावा: अमेरिका को हुआ नुकसान

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक A-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, दो MQ-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पश्चिमी देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति पर पश्चिमी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर वही संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले न केवल सैन्य बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद खतरनाक होते हैं। यदि विकिरण फैलता है, तो इसका असर सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

ईरान ने कहा है कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका “स्थायी और सशर्त समाधान” चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।

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