अर्जुन तेंदुलकर की शादी: सचिन तेंदुलकर ने पीएम मोदी, राष्ट्रपति, अमित शाह और राहुल गांधी को दिया निमंत्रण

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Arjun Tendulkar wedding invitation concept with cricket bat and traditional Indian wedding decorations, flowers, and elegant background, symbolizing Sachin Tendulkar inviting top Indian leaders.

अर्जुन तेंदुलकर की शादी: क्रिकेट जगत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपने बेटे अर्जुन तेंदुलकर (Arjun Tendulkar) और होने वाली दुल्हन सानिया चंदोक (Sania Chandok) की शादी के लिए देश के शीर्ष नेताओं को व्यक्तिगत निमंत्रण दिया है। दिल्ली में हुई इस औपचारिक मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शामिल थे।

सचिन तेंदुलकर ने पीएम मोदी से मुलाकात कर उन्हें आगामी शादी समारोह में आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उनके आशीर्वाद और सुझाव उनके परिवार के लिए सम्मान का प्रतीक हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि इस खुशी के मौके पर अपने बेटे और होने वाली बहू के साथ देश के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित करना उनके लिए गर्व की बात है।

उसी दिन तेंदुलकर परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की और उन्हें शादी का न्योता सौंपा। राष्ट्रपति ने युवा जोड़े के उज्जवल भविष्य की कामना की और अपने आशीर्वाद से उन्हें सम्मानित किया।

सचिन तेंदुलकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी व्यक्तिगत मुलाकात की और उन्हें भी बेटे की शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस दौरान उन्होंने नेताओं के साथ अपने पुराने अनुभव साझा किए और इस अवसर को यादगार बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।

साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी आमंत्रित किया गया। उन्होंने नेताओं के स्नेह और सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक बहुत ही खास और व्यक्तिगत अवसर है।

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अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंदोक की सगाई अगस्त 2025 में हुई थी। शादी समारोह मार्च 2026 में मुंबई में आयोजित होने की योजना है। अर्जुन घरेलू क्रिकेट में गोवा के लिए खेलते हैं और आईपीएल में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। वहीं सानिया चंदोक मुंबई के प्रतिष्ठित व्यवसायी परिवार से हैं और व्यवसाय के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

इस विशेष अवसर ने यह भी दिखाया कि तेंदुलकर परिवार केवल व्यक्तिगत खुशी में ही सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व और समाज के प्रमुख व्यक्तित्वों के साथ संबंधों को मजबूत करने का संदेश भी देता है।

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8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: राज्यसभा में वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होगी समीक्षा

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"8वें वेतन आयोग 2026 अपडेट: केंद्र सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाएगी, बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं।"

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: देश के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर लंबी प्रतीक्षा के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन पिछले साल 3 नवंबर, 2025 को कर दिया गया था। यह आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन संरचना और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा।

8वें वेतन आयोग का गठन और कार्यकाल

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) ने राज्यसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग अपनी सिफारिशें साल 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा।

सरकार ने इस बारे में साफ कहा कि फिलहाल इस वित्तीय बोझ का कोई अनुमान लगाना संभव नहीं है। वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आयोग किन मुद्दों की करेगा समीक्षा

वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि आयोग निम्नलिखित क्षेत्रों की समीक्षा करेगा:

  1. कर्मचारियों के वेतन और भत्ते: केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी संरचना और भत्तों की समीक्षा की जाएगी।
  2. पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स: केंद्र सरकार से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और संबंधित भत्तों में संभावित वृद्धि पर सुझाव दिए जाएंगे।
  3. सेवा की शर्तें: सरकारी कर्मचारियों की सेवा की शर्तों, प्रमोशन नीति और अन्य नियमों की समीक्षा भी आयोग करेगा।

इस समीक्षा के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और भत्ते आधुनिक जरूरतों और महंगाई के अनुसार उपयुक्त हों।

कौन लाभान्वित होंगे और कौन नहीं

8वें वेतन आयोग लागू होने पर केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है और रिटायर पेंशनर्स की पेंशन में भी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों पर यह वेतन आयोग लागू नहीं होगा। सरकारी बैंक कर्मचारियों का वेतन भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत तय किया जाता है। इसलिए बैंक कर्मचारी इस वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

राज्यसभा में उठे सवाल और सरकार का जवाब

राज्यसभा में सांसदों ने सरकार से यह सवाल किया था कि 8वें वेतन आयोग किन मुद्दों पर काम करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आयोग न केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का मूल्यांकन करेगा, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों पर भी सुझाव देगा।

सरकार ने यह भी कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट तय समयसीमा के भीतर सौंपेगा और इसके बाद ही आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा।

आयोग लागू होने के बाद संभावित वित्तीय असर

सरकार ने कहा कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद वित्तीय बोझ का सटीक आकलन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही संभव होगा। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में पर्याप्त वृद्धि की सिफारिश करता है, तो सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

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