कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के स्कूल में गोलीबारी, 9 की मौत, 25 घायल, पुलिस ने एक हमलावर को मार गिराया, पूरे इलाके में हड़कंप

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Javed Haider Zaidi

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ब्रिटिश कोलंबिया के टम्बलर रिज सेकेंडरी स्कूल में गोलीबारी के बाद पुलिस और आपातकालीन टीम घटनास्थल पर मौजूद

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में टम्बलर रिज सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को एक भीषण गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। स्थानीय पुलिस के अनुसार इस हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि लगभग 25 लोग घायल हुए हैं।

स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:20 बजे के करीब पुलिस को स्कूल में फायरिंग की सूचना मिली। तुरंत ही इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया और पुलिस ने स्कूल और उसके आसपास के इलाके को सुरक्षित कर लिया। आरसीएमपी (Royal Canadian Mounted Police) ने बताया कि शुरुआती जांच में एक संदिग्ध हमलावर की मौत हो चुकी है। हालांकि पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं इस घटना में कोई दूसरा व्यक्ति शामिल तो नहीं था।

घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों की टीम घायल लोगों के इलाज में जुटी हुई है और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस समय अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। एपी (Associated Press) की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस लगातार घटनास्थल पर नजर बनाए हुए है और स्थिति नियंत्रण में है।

स्थानीय प्रशासन ने कहा कि घटना के समय स्कूल में कई शिक्षक और छात्र मौजूद थे। पुलिस ने स्कूल परिसर की पूरी जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमला कैसे हुआ और इसका मकसद क्या था। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से अब तक कई सबूत बरामद किए गए हैं, जो मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।

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यह घटना कनाडा में स्कूल सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे पहले भी दुनिया के कई देशों में स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनमें छात्रों और शिक्षकों को भारी नुकसान हुआ। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को गहरा सदमा पहुंचाया है।

पुलिस और आपातकालीन सेवाएं लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वह भीड़ न जुटाएं और बच्चों और परिवारों की सुरक्षा के लिए सभी निर्देशों का पालन करें।

इस भीषण हादसे ने कनाडा और विश्वभर में चिंता पैदा कर दी है। लोग इस घटना पर शोक व्यक्त कर रहे हैं और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जता रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जल्द ही पूरी कर सार्वजनिक की जाएगी।

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इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया विकिरण का खतरा

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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं, जिसके गंभीर परिणाम पूरे खाड़ी क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर अब तक चार बार हमला किया है। उनका कहना है कि यदि इन हमलों के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका असर ईरान की राजधानी तेहरान से ज्यादा खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि संभावित विकिरण का असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वहां “जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है”, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ईरान का दावा: अमेरिका को हुआ नुकसान

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक A-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, दो MQ-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पश्चिमी देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति पर पश्चिमी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर वही संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले न केवल सैन्य बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद खतरनाक होते हैं। यदि विकिरण फैलता है, तो इसका असर सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

ईरान ने कहा है कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका “स्थायी और सशर्त समाधान” चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।

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