गाजियाबाद हादसा: कोरियाई गेम, 2 करोड़ का कर्ज और पिता की दो शादियों के बीच तीन नाबालिगों की मौत

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

"गाजियाबाद शहर का अपार्टमेंट ब्लॉक, ऊंची इमारत की बालकनी वाला फ्लैट"

गाजियाबाद हादसा: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। घटना उस समय हुई जब 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी अपने अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल की बालकनी से गिर गईं। शुरुआती जांच में सामने आया कि इन बहनों के जीवन में कई पेचीदगियां और चुनौतियां थीं, जो उनकी हताशा का कारण बन सकती हैं।

पुलिस और परिवार के अनुसार, लड़कियां कोरियाई ड्रामा और डिजिटल कंटेंट से प्रभावित थीं। पिता चेतन कुमार ने मीडिया को बताया कि बच्चियां एक कोरियाई गेम खेल रही थीं, जिसमें अंतिम टास्क में आत्महत्या करने की बात थी। हालांकि पुलिस ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि ऐसा कोई गेम मामले का कारण नहीं है।

पुलिस के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। चेतन कुमार, जो एक स्टॉक ट्रेडर हैं, पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज था। उनकी दो पत्नियां और पांच बच्चे थे। वित्तीय संकट के चलते उन्होंने अपनी तीन बेटियों के मोबाइल फोन बिजली का बिल चुकाने के लिए बेच दिए थे। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के बाद भी लड़कियों को स्कूल नहीं भेजा गया।

पुलिस ने बताया कि पिता और बेटियों के बीच संबंध तनावपूर्ण थे। चेतन कुमार अक्सर अपनी बेटियों को शादी की धमकी देता था और परिवार में दो पत्नियों के बीच जटिल रिश्ते भी तनाव का कारण बने। उनकी पहली पत्नी से दो बच्चे हैं और दूसरी पत्नी (पहली पत्नी की बहन) से तीन बेटियां।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना वाली रात तीनों बहनें बालकनी की ओर गई थीं। सबसे बड़ी लड़की किनारे की ओर जाने की कोशिश कर रही थी, जबकि दो छोटी बहनें उसे रोकने की कोशिश कर रही थीं। तीनों गिर गईं और घटना स्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

Also Read

पुलिस ने कमरे में कई दस्तावेज और नोटबुक भी बरामद की, जिसमें लड़कियों ने माता-पिता के लिए संदेश लिखा था। नोटबुक में उन्होंने अपने जीवन और परेशानियों का जिक्र किया था। कमरे से एक मोबाइल फोन भी मिला, जिस पर तीनों की तस्वीरें और कोरियाई नाम लिखे थे।

पुलिस का मानना है कि यह एक जटिल मामला है, जिसमें मोबाइल फोन की लत, भावनात्मक प्रभाव, पारिवारिक जटिलताएं और आर्थिक संकट जैसी कई वजहें मिलकर बच्चों की हताशा का कारण बनीं। हालांकि यह मामला 2017 में मुंबई में सामने आए ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ जैसी घटनाओं से मिलता-जुलता है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई ऑनलाइन गेम या चुनौती मौत का सीधा कारण नहीं है।

Next Post

पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

Next Post

Loading more posts...