Weather Update: दिल्ली-NCR से लेकर यूपी-पंजाब तक बदलेगा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ फिर होगा सक्रिय, बारिश-ओलावृष्टि और बर्फबारी के आसार

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर भारत में मौसम परिवर्तन का दृश्य, दिल्ली-NCR में घने बादल, बारिश और बिजली के साथ खराब मौसम, यूपी-पंजाब-उत्तराखंड में बारिश व पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट

Weather Update: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। 27 जनवरी को हुई बारिश के बाद भी लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग के मुताबिक हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिम भारत में बादल, बारिश, तेज हवाएं और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है।

मंगलवार को दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के साथ बारिश देखने को मिली। राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के वीडियो भी सामने आए, जिससे मौसम और ज्यादा भयावह नजर आया।

दिल्ली-NCR का मौसम कैसा रहेगा

मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में आज बादल छाए रहेंगे, हालांकि दिन में बारिश की संभावना कम है। इसके बावजूद 28 जनवरी से 31 जनवरी तक राजधानी में लगातार बादल बने रहने के आसार हैं। सुबह के समय धुंध और हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है।
1 फरवरी को दिल्ली में एक बार फिर बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बादलों की गड़गड़ाहट, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।

यूपी में आज भी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। राज्य के 50 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी और पूर्वी यूपी दोनों ही हिस्सों में बारिश हो सकती है।
नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, शामली, हापुड़, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर के साथ-साथ लखनऊ, कानपुर और उन्नाव तक बारिश की संभावना है। वेस्ट यूपी के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। संभल और मुरादाबाद जैसे जिलों में 27 जनवरी को ओले गिरने की घटनाएं दर्ज की गई थीं।

पंजाब, हरियाणा और बिहार का हाल

पंजाब और हरियाणा में भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। 28 जनवरी को बिहार में हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विभाग के अनुसार 30 जनवरी की रात एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत में सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 1 और 2 फरवरी को मैदानी इलाकों में दोबारा बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

ठंड में उतार-चढ़ाव जारी

दिल्ली में बारिश और बादलों के कारण ठंड में थोड़ी कमी दर्ज की गई है। 28 जनवरी को न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री के आसपास रहा, जबकि अधिकतम तापमान 17 से 19 डिग्री तक पहुंच सकता है।
हालांकि 31 जनवरी तक तापमान में फिर गिरावट आने की संभावना है और न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री तक जा सकता है। 1 फरवरी के बाद दोबारा तापमान 12 से 14 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।

कोहरा और शीतलहर का अलर्ट

28 से 30 जनवरी के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तरी मध्य प्रदेश में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है।

पहाड़ों में भारी बर्फबारी

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली और शिमला में बर्फ गिरने की संभावना है। उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत चारधाम क्षेत्रों में लगातार हिमपात हो रहा है। चकराता, चोपता और औली जैसे पर्यटन स्थलों पर भी बर्फबारी देखने को मिल रही है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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