अमेरिका में भारी तबाही की आशंका, एयर इंडिया ने न्यूयॉर्क–नेवार्क की सभी उड़ानें रद्द कीं

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Javed Haider Zaidi

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अमेरिका में भीषण शीतकालीन तूफान के चलते एयर इंडिया ने न्यूयॉर्क और नेवार्क की उड़ानें रद्द कीं

भीषण शीतकालीन तूफान को लेकर अलर्ट, यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

अमेरिका के पूर्वी तट पर आने वाले भीषण शीतकालीन तूफान को देखते हुए एयर इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। एयरलाइन ने 25 और 26 जनवरी को न्यूयॉर्क और नेवार्क से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। बताया जा रहा है कि इन दिनों अमेरिका के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है, जिससे हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

एयर इंडिया ने कहा है कि यह फैसला यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, रविवार सुबह से लेकर सोमवार तक न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और आसपास के इलाकों में भारी हिमपात हो सकता है, जिससे उड़ानों का संचालन जोखिम भरा हो जाएगा।

एयर इंडिया ने जारी की यात्रा चेतावनी

एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि पूर्वी तट पर आने वाला यह शीतकालीन तूफान उड़ानों पर बड़ा असर डाल सकता है। इसी कारण न्यूयॉर्क और नेवार्क से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स को अस्थायी रूप से रद्द किया गया है।

एयरलाइन ने यह भी कहा है कि जिन यात्रियों ने इन तारीखों के लिए टिकट बुक कर रखे हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कंपनी की टीमें लगातार काम कर रही हैं। यात्रियों को री-बुकिंग और अन्य जरूरी मदद दी जाएगी।

यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

यात्रियों की सुविधा के लिए एयर इंडिया ने 24 घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। यात्री किसी भी जानकारी या सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—

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  • +91 11 6932 9333
  • +91 11 6932 9999

इसके अलावा, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट airindia.com पर जाकर अपनी उड़ान से जुड़ी ताजा जानकारी जरूर चेक करें।

अमेरिका में हालात गंभीर, देशभर में अलर्ट

इस बीच अमेरिका में इस तूफान को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और संबंधित एजेंसियों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। कई राज्यों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अमेरिका के 40 से अधिक राज्यों में अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और ओलावृष्टि हो सकती है। कई इलाकों में बर्फ गिरनी शुरू हो चुकी है, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है।

जनजीवन पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तूफान कई दिनों तक असर दिखा सकता है। इसके चलते—

  • कई शहरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है
  • मुख्य सड़कें और हाईवे बंद हो सकते हैं
  • हवाई, रेल और सड़क यातायात पर असर पड़ सकता है

प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने की अपील की है।

यात्रियों को दी गई सलाह

यदि आप आने वाले दिनों में अमेरिका के पूर्वी तट की यात्रा करने वाले हैं, तो—

  • अपनी फ्लाइट की स्थिति पहले जांच लें
  • एयरलाइन और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
  • मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहें
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फारस की खाड़ी में कतर का सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत; युद्ध के बीच हादसे ने बढ़ाई चिंता

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फारस की खाड़ी में क्रैश हुआ कतर का सैन्य हेलीकॉप्टर, बचाव टीमें तलाश अभियान में जुटी

मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। कतर का एक सैन्य हेलीकॉप्टर रविवार को फारस की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 6 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। हादसे के बाद से एक व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।

कतर के आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक यह दुर्घटना देश के क्षेत्रीय जल में हुई। बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है, जिसमें कोस्ट गार्ड और आंतरिक सुरक्षा बल की टीमें शामिल हैं। हालांकि अब तक मृतकों की पहचान और उनकी राष्ट्रीयता को लेकर आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।

रक्षा मंत्रालय ने इस हादसे के पीछे प्रारंभिक कारण “तकनीकी खराबी” बताया है। जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर नियमित ड्यूटी पर था और उसी दौरान अचानक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद वह समुद्र में गिर गया। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। खाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों और हमलों के बीच इस हादसे ने सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

हालांकि कतर सरकार ने साफ किया है कि इस हेलीकॉप्टर क्रैश में किसी भी तरह की दुश्मन कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे एक तकनीकी दुर्घटना ही माना जा रहा है।

बीते दिनों खाड़ी क्षेत्र में ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें भी सामने आई थीं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ऐसे में इस दुर्घटना को लेकर शुरुआती स्तर पर कई तरह की आशंकाएं जताई गईं, लेकिन कतर ने उन्हें खारिज कर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह एक तकनीकी हादसा हो, लेकिन मौजूदा हालात में इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं। खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, ऐसे में किसी भी प्रकार की असामान्य घटना का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।

फिलहाल कतर सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है। बचाव दल लापता व्यक्ति की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं।

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