Weather Update: उत्तराखंड–हिमाचल में भारी बारिश और बर्फबारी, बसंत पंचमी पर यूपी–दिल्ली में बदलेगा मौसम, जानें अगले 5 दिनों का पूरा अपडेट

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Javed Haider Zaidi

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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी, बसंत पंचमी पर यूपी और दिल्ली में बारिश का अलर्ट

Weather Update: उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका प्रभाव अगले दो दिनों तक रहेगा, जबकि मैदानी इलाकों में भी इसका असर देखने को मिलेगा। खास तौर पर बसंत पंचमी के दिन उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को हाल के दिनों की गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 22 और 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना है। इसी दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी कई इलाकों में तेज बारिश के साथ बर्फ गिर सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि फिसलन और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि की आशंका

23 जनवरी को पंजाब में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। वहीं पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 और 23 जनवरी के दौरान ओलावृष्टि, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसा ही मौसम पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिलेगा।

कोहरे और शीत लहर की चेतावनी

मौसम विभाग ने बताया है कि 22 से 26 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में शीत लहर से भीषण शीत लहर की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं उत्तराखंड के कुछ इलाकों में पाला पड़ने के हालात बन रहे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

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दिल्ली को मिलेगी गर्मी से राहत

दिल्ली में बीते दिनों अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था, जिससे हल्की गर्मी महसूस की जा रही थी। हालांकि मौसम में बदलाव के साथ राजधानी को राहत मिलने की उम्मीद है।
22 जनवरी को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं 23 जनवरी को बारिश और तेज हवाओं के कारण अधिकतम तापमान गिरकर 19 से 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

23 जनवरी से बदलेगा दिल्ली-एनसीआर का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, 22 जनवरी की शाम से बादल छाने लगेंगे। 23 जनवरी को दिन में दो बार बारिश हो सकती है, साथ ही बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। शाम के समय फिर से बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 24 जनवरी को भी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में बादल छाए रहेंगे और तेज हवाएं चल सकती हैं।

अगले कुछ दिनों का तापमान अनुमान

बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री तक गिर सकता है। 25 जनवरी को इसमें और गिरावट आ सकती है और तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। 26 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रह सकता है। 27 जनवरी से एक बार फिर तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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Javed Haider Zaidi

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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