बेरहम कदम: मामूली झगड़े में पत्नी ने काट दी पति की जीभ, गाजियाबाद की घटना से इलाके में सनसनी

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Javed Haider Zaidi

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गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में घरेलू विवाद के बाद अस्पताल ले जाए जा रहे गंभीर रूप से घायल युवक

बेरहम कदम: गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पति-पत्नी के रिश्ते और घरेलू हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामूली घरेलू विवाद के बाद एक पत्नी ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के संजयपुरी इलाके में पत्नी ने अपने पति की जीभ काट दी। गंभीर हालत में घायल युवक को गाजियाबाद से मेरठ रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

खाना बनाने को लेकर हुआ विवाद, बढ़ती गई कहासुनी

जानकारी के अनुसार, संजयपुरी निवासी विपिन की शादी करीब 10 महीने पहले मेरठ के मलियाना की रहने वाली ईशा से हुई थी। घर में विपिन, उसकी पत्नी ईशा और मां गीता रहते हैं। विपिन मोदीनगर के एक कारखाने में प्राइवेट नौकरी करता है।
परिजनों के मुताबिक, घटना वाली रात ईशा ने खाना बनाया था। भोजन के बाद दोनों अपने कमरे में चले गए। इसी दौरान किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में यह एक सामान्य घरेलू कहासुनी थी, लेकिन धीरे-धीरे विवाद इतना बढ़ गया कि हालात बेकाबू हो गए।

रात में उठाया गया खौफनाक कदम

परिवार का कहना है कि रात करीब एक बजे के आसपास झगड़े के दौरान ईशा ने किचन से चाकू उठाया और अचानक विपिन पर हमला कर दिया। इस हमले में उसने पति की जीभ काट दी। इसके बाद कटी हुई जीभ को कमरे में ही बिस्तर पर फेंक दिया गया।
गंभीर रूप से घायल विपिन दर्द से तड़पता हुआ नीचे अपनी मां के पास पहुंचा। खून देखकर मां के होश उड़ गए। शोर सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंचे।

अस्पताल में भर्ती, बोल पाने की हालत में नहीं युवक

पड़ोसियों की मदद से घायल विपिन को तुरंत मोदीनगर के जीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेरठ स्थित सुभारती विश्वविद्यालय के अस्पताल में रेफर कर दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, जीभ कटने के कारण युवक फिलहाल बोल पाने की स्थिति में नहीं है। ऑपरेशन के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उसकी हालत में कितना सुधार हो सकेगा। परिजन कटी हुई जीभ को भी साथ लेकर अस्पताल पहुंचे हैं, ताकि इलाज में मदद मिल सके।

पड़ोसियों ने महिला को कमरे में बंद कर पीटा

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि गुस्साए पड़ोसियों ने महिला को कमरे में बंद कर उसकी पिटाई भी की। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

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पुलिस जांच में जुटी, शिकायत दर्ज

घटना की जानकारी मिलते ही मोदीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी महिला से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है।

मां बोलीं – ऐसा कदम उठाएगी, सोचा नहीं था

पीड़ित युवक की मां गीता का कहना है कि रात में बेटे-बहू के बीच झगड़ा हो रहा था, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य घरेलू विवाद समझकर बीच-बचाव नहीं किया। उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि बहू इतना बड़ा और खौफनाक कदम उठा लेगी।

इलाके में दहशत और सवाल

इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग हैरान हैं कि मामूली घरेलू विवाद इतना हिंसक रूप कैसे ले सकता है। यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि रिश्तों में बढ़ती असहिष्णुता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायल युवक का इलाज मेरठ में जारी है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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Javed Haider Zaidi

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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