Delhi Earthquake Today: सोमवार सुबह राजधानी दिल्ली में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ पल के लिए लोगों में हल्की दहशत देखी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तरी दिल्ली में स्थित था और यह जमीन की सतह से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया।
सुबह 8:44 बजे आए इस भूकंप का असर बेहद मामूली रहा। झटके हल्के होने के कारण कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। भूकंप के बाद दिल्ली-एनसीआर में हालात पूरी तरह सामान्य बने हुए हैं।
विशेषज्ञों की राय
भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि 2.8 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होता। इस तरह के हल्के झटके अक्सर जमीन के भीतर प्लेटों की सामान्य हलचल के कारण आते हैं और इन्हें गंभीर खतरे के तौर पर नहीं देखा जाता।
जनवरी में देश के अलग-अलग हिस्सों में आए भूकंप
जनवरी महीने के दौरान देश के कई हिस्सों में भूकंप दर्ज किए गए हैं। हाल ही में गुजरात के कच्छ जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (ISR) के अनुसार, उस भूकंप का केंद्र खावड़ा से करीब 55 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में स्थित था।
भूकंप के लिहाज से कितना संवेदनशील है दिल्ली?
दिल्ली भारत के भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। राजधानी को सिस्मिक जोन-4 में रखा गया है, जिसे उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है।
- जोन-2: कम जोखिम
- जोन-3: मध्यम जोखिम
- जोन-4: अधिक जोखिम
- जोन-5: सबसे अधिक जोखिम
दिल्ली की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां हिमालयी क्षेत्र में आने वाले बड़े भूकंपों का प्रभाव भी महसूस किया जा सकता है। खासतौर पर सेंट्रल हिमालय क्षेत्र में भविष्य में बड़े भूकंप की आशंका वैज्ञानिकों द्वारा जताई जाती रही है।
भूकंप क्यों आते हैं?
भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण आते हैं। पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी प्लेटों में बंटी हुई है, जो लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या अचानक खिसकती हैं, तो बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जिससे भूकंप पैदा होता है।