यूपी में ठंड से राहत की उम्मीद, लखनऊ में 19 जनवरी को हुई हल्की बारिश

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Javed Haider Zaidi

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लखनऊ में 19 जनवरी को हल्की बारिश और घना कोहरा, ठंड से राहत के संकेत

यूपी में ठंड से राहत की उम्मीद: उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप अब धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 48 घंटों में प्रदेश का तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इससे शीतलहर का असर कम होगा और लोगों को ठंड से राहत मिलेगी।

लखनऊ में हालात: राजधानी लखनऊ (Lucknow) में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1.4 डिग्री कम है। 19 जनवरी की सुबह लखनऊ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिसने मौसम को और ठंडा कर दिया।

पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ सकता तापमान: वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में रात के तापमान में गिरावट थम जाएगी। हरदोई, अमेठी, अयोध्या और बाराबंकी जैसे जिलों में पिछले कुछ दिनों से आंशिक शीतलहर देखी गई, लेकिन हवाओं की दिशा बदलने से अगले 24-48 घंटों में तापमान 4 डिग्री तक बढ़ सकता है।

कोहरे में कमी और बारिश की संभावना: प्रदेश में 20 जनवरी के बाद धीरे-धीरे कोहरा कम होने की संभावना है। इसके बाद 22 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू होने की संभावना है। बारिश एक-दो दिन तक जारी रह सकती है, जिससे ठंड से राहत मिलेगी।

आज घना कोहरा: मौसम विभाग के अनुसार सोमवार सुबह शाहजहांपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बरेली, पीलीभीत और आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा रहने का अनुमान है।

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प्रदेश में सबसे ठंडा शहर: हरदोई प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमेठी में 3.7, बाराबंकी और अयोध्या में 4-4, सुलतानपुर में 4.6 और अलीगढ़ में 4.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

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भर्ती परीक्षाओं में जाति-धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी का सख्त निर्देश, पेपर सेटर्स पर होगी कड़ी निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भर्ती बोर्डों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में जाति, धर्म या संप्रदाय पर अमर्यादित टिप्पणी न करने का निर्देश देते हुए।

भर्ती परीक्षाओं में विवादित सवालों पर सख्ती, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर समय-समय पर उठने वाले विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्देश केवल भर्ती बोर्डों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे सभी पेपर सेटर्स तक सख्ती से पहुंचाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है तो उसे हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के एमओयू में भी शामिल होगा नियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ होने वाले समझौतों यानी एमओयू में भी इस नियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सवालों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

विवादित प्रश्नों से उपजा था आक्रोश

दरअसल हाल के समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में पूछे गए कुछ सवालों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

हाल ही में आयोजित यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बदलते मौसम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड में जाकर फसलों को हुए संभावित नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कराएं।

किसानों को समय पर मिले मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन समय पर किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े और राहत राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।

परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में सवालों की भाषा और विषयवस्तु बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें तैयार करते समय सामाजिक सौहार्द और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब भर्ती बोर्डों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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