School Holiday Update: 19 जनवरी को स्कूल खुलेंगे या रहेंगे बंद? यूपी–बिहार से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक की पूरी स्थिति

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Javed Haider Zaidi

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ठंड और प्रदूषण के कारण 19 जनवरी को स्कूल खुलने को लेकर असमंजस, छात्र और अभिभावक इंतजार में

School Holiday Update: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच लाखों अभिभावकों और छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 19 जनवरी को स्कूल खुलेंगे या नहीं? कई राज्यों में पहले 14, 15 और फिर 17 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे। अब मौसम, प्रदूषण और प्रशासनिक परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग राज्यों और जिलों में अलग फैसले सामने आ रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में जहां वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है और ग्रेप-4 लागू कर दिया गया है, वहीं यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में ठंड और कोहरे का असर अब भी बना हुआ है। आइए जानते हैं 19 जनवरी को किन राज्यों में स्कूल खुल सकते हैं और कहां छुट्टी आगे बढ़ाई गई है।

बिहार: विंटर वेकेशन खत्म, स्कूल खुलने की तैयारी

बिहार में स्कूलों का विंटर वेकेशन 17 जनवरी को समाप्त हो चुका है। फिलहाल राज्य के किसी भी जिले से स्कूल बंद रखने का नया आदेश जारी नहीं हुआ है।
ऐसे में 19 जनवरी से स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू होने की पूरी संभावना है। हालांकि, मौसम खराब होने की स्थिति में जिला प्रशासन अपने स्तर पर निर्णय ले सकता है, जिसकी सूचना अभिभावकों को दी जाएगी।

हरियाणा: 17 जनवरी तक थी छुट्टी

हरियाणा सरकार ने कोहरे और ठंड को देखते हुए स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया था।
यदि छुट्टी बढ़ाने को लेकर कोई नया आदेश जारी नहीं होता है, तो 19 जनवरी को सभी स्कूल खुल जाएंगे।

दिल्ली-एनसीआर: ग्रेप-4 बना बड़ी वजह

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद ग्रेप-4 लागू कर दिया गया है।
ग्रेप-4 के नियमों के तहत स्कूलों को बंद रखने का प्रावधान है।

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  • दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में स्कूल 19 जनवरी को भी बंद रह सकते हैं
  • प्रशासन की ओर से अंतिम फैसला स्थानीय आदेशों के आधार पर होगा

नोएडा: पहले ठंड, अब प्रदूषण

नोएडा में ठंड के चलते नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 16 और 17 जनवरी को बंद रखे गए थे।
अब ग्रेप-4 लागू होने के बाद यहां स्कूलों की छुट्टी और बढ़ने की संभावना है। अभिभावकों को स्कूल प्रशासन की सूचना पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

राजस्थान: जिला प्रशासन के हाथ में फैसला

राजस्थान में स्कूलों की छुट्टी को लेकर जिला स्तर पर निर्णय लिया जा रहा है।

  • हनुमानगढ़ जिले में नर्सरी से कक्षा 5 तक के स्कूल 17 जनवरी तक बंद रहे
  • यदि कोई नया आदेश जारी नहीं होता है, तो 19 जनवरी से स्कूल खुल सकते हैं

उत्तर प्रदेश: जिलों में अलग-अलग हालात

उत्तर प्रदेश में स्कूलों की छुट्टी को लेकर जिला प्रशासन को अधिकार दिया गया है।

  • प्रयागराज में कक्षा 8 तक के स्कूल 20 जनवरी तक बंद रहेंगे
  • इसकी वजह माघ मेला और संभावित तीर्थयात्री भीड़ बताई गई है
    अन्य जिलों में मौसम और स्थानीय हालात के अनुसार फैसला लिया जा रहा है।

उत्तराखंड: ठंड का असर जारी

उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड को देखते हुए

  • नर्सरी से कक्षा 5 तक के स्कूलों की छुट्टी बढ़ा दी गई है
  • 19 जनवरी को भी स्कूल बंद रहेंगे
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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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Javed Haider Zaidi

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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