जबलपुर में दिल दहला देने वाला हादसा: बिना नंबर प्लेट की कार ने खाना खा रहे मजदूरों को कुचला, 2 की मौत

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Javed Haider Zaidi

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जबलपुर में सड़क हादसे के बाद मौके पर घायल मजदूर और क्षतिग्रस्त वाहन

जबलपुर में दिल दहला देने वाला हादसा: मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। रविवार दोपहर तेज रफ्तार और बिना नंबर प्लेट की एक कार ने सड़क किनारे खाना खा रहे 13 मजदूरों को कुचल दिया। इस हादसे में दो महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है।

खाना खाते वक्त हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 2 बजे बरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिग्मा कॉलोनी के सामने एकता चौक के पास हुई। सभी मजदूर सड़क पर डिवाइडर की रेलिंग लगाने का काम कर रहे थे। काम के दौरान दोपहर में उन्होंने ब्रेक लिया और सड़क किनारे बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर मजदूरों को रौंदते हुए निकल गई।

दो महिलाओं की मौत, मंडला जिले के निवासी थे मजदूर

एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एएसपी) पल्लवी शुक्ला ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिलाएं मंडला जिले की रहने वाली थीं। घायल सभी मजदूर भी मंडला जिले के ही बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों के शव भी इसी अस्पताल में रखे गए हैं।

कार पर नहीं थी नंबर प्लेट, चालक फरार

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे में शामिल कार पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं थी। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार चालक ने गाड़ी रोकने की कोई कोशिश नहीं की और तेज रफ्तार में लोगों को कुचलते हुए फरार हो गया।

सफेद क्रेटा होने की आशंका

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मजदूरों को टक्कर मारने वाली कार सफेद रंग की क्रेटा हो सकती है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

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प्रशासन पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद सड़क सुरक्षा और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम न होना और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण न होना एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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