महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: बीजेपी-शिवसेना गठबंधन का दबदबा, पीएम मोदी ने दी जनता और कार्यकर्ताओं को बधाई

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Javed Haider Zaidi

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“महाराष्ट्र BMC Election 2026: बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की बड़ी जीत, पीएम मोदी ने जनता और कार्यकर्ताओं को बधाई दी”

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: महाराष्ट्र के 2026 के नगर निगम चुनावों में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने विपक्ष पर भारी बढ़त बनाई है। बीएमसी सहित 29 नगर महापालिकाओं के चुनावों में महायुति गठबंधन की जीत ने साफ कर दिया कि राज्य की जनता ने विकास और सुशासन के एजेंडे को प्राथमिकता दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर (X) पोस्ट में महाराष्ट्र की जनता और एनडीए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा, “मुझे उन सभी एनडीए कार्यकर्ताओं पर गर्व है जिन्होंने अथक मेहनत से जनता तक हमारे काम और योजनाओं की जानकारी पहुंचाई और विपक्ष के झूठ का खंडन किया।”

उन्होंने आगे कहा, “धन्यवाद महाराष्ट्र। राज्य की ऊर्जावान जनता ने हमारे सुशासन के एजेंडे को समर्थन दिया। विभिन्न नगर निगम चुनावों के परिणाम दिखाते हैं कि महाराष्ट्र की जनता के साथ हमारा रिश्ता और मजबूत हुआ है। विकास को लेकर हमारी कार्य-प्रणाली जनता को पसंद आई।”

बीजेपी-शिवसेना गठबंधन का दबदबा

बीएमसी चुनाव में महायुति गठबंधन ने स्पष्ट बढ़त बनाई। मुंबई और ठाणे समेत अन्य 29 नगर निगमों में मतदान 15 जनवरी को हुआ और शुक्रवार से नतीजों की घोषणा शुरू हुई।

इन चुनावों में ‘ठाकरे ब्रदर्स’ (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) के लिए बड़ा झटका रहा। शिवसेना-यूबीटी और मनसे गठबंधन अधिकतर सीटों पर पिछड़ गए। बीजेपी ने पारंपरिक गढ़ों में भी अपनी पैठ मजबूत कर ली है और महायुति गठबंधन की मेयर पद की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता ने एनडीए के जनहित और विकास के एजेंडे को प्राथमिकता दी, और यह वोट विकास को गति देने और राज्य की गौरवशाली संस्कृति का जश्न मनाने का प्रतीक है।

बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की इस जीत ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बना दिए हैं, और आगामी चुनावों के लिए यह संकेत माना जा रहा है।

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: 118 सांसदों के हस्ताक्षर, राहुल गांधी के साइन न होने पर उठे सवाल

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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस, 118 सांसदों के हस्ताक्षर, राहुल गांधी के साइन न होने पर राजनीतिक चर्चा

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा सचिवालय में सौंप दिया है। इस प्रस्ताव पर कुल 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय यह रहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी के हस्ताक्षर इस नोटिस में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

विपक्षी सांसदों ने संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत यह नोटिस दिया है। आरोप है कि लोकसभा स्पीकर का रवैया सदन के संचालन में भेदभावपूर्ण रहा है और विपक्ष को बार-बार बोलने से रोका गया। नोटिस में स्पीकर के आचरण को लेकर चार प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

विपक्ष का कहना है कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद 3 फरवरी को विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित किया गया, जिसे एकतरफा कार्रवाई बताया गया है। 4 फरवरी को सत्ता पक्ष के एक सांसद द्वारा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का भी जिक्र नोटिस में है। आरोप है कि विपक्ष की आपत्ति के बावजूद उस टिप्पणी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके साथ ही स्पीकर द्वारा विपक्षी महिला सांसदों को लेकर की गई टिप्पणी को भी आपत्तिजनक बताया गया है।

हालांकि प्रस्ताव लाने वाले सांसदों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से लोकसभा स्पीकर का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि सदन के संचालन में निष्पक्षता और संतुलन की कमी दिखाई दी है। नोटिस मिलने के बाद लोकसभा स्पीकर ने सचिव जनरल को इसकी जांच करने और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि विपक्ष के पास संख्या बल न होने के बावजूद यह प्रस्ताव एक संदेश देने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है और चेयर से अपेक्षा होती है कि वह सभी सांसदों के साथ समान व्यवहार करे।

राहुल गांधी के हस्ताक्षर न होने को लेकर पूछे गए सवाल पर मोहम्मद जावेद ने कहा कि भले ही राहुल गांधी ने साइन नहीं किए हों, लेकिन 118 सांसदों का समर्थन अपने आप में एक मजबूत संदेश है। वहीं टीएमसी के समर्थन को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी के सांसदों के हस्ताक्षर भले ही नोटिस पर न हों, लेकिन वे विपक्ष के साथ खड़े हैं।

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