इंदौर: राहुल गांधी का मृतक परिवारों से मिलने पर प्रशासन ने किया इनकार, संकरी गलियों में सुरक्षा को बताया बाधा

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Javed Haider Zaidi

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राहुल गांधी इंदौर के भागीरथपुरा में मृतक परिवारों से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दे रहा।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई मौतों के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जनवरी को प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें सभी मृतकों के घर जाने की अनुमति नहीं दी।

(Rahul Gandhi) राहुल गांधी विशेष रूप से उन परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने पर अड़े थे, जिनकी मौत दूषित पेयजल के कारण हुई मानी जा रही है। प्रशासन ने कांग्रेस नेताओं को सुझाव दिया कि किसी एक सुरक्षित स्थान पर सभी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कराई जाए, लेकिन इस पर अभी तक सहमति नहीं बन सकी।

गुरुवार दोपहर, राहुल गांधी के दफ्तर के प्रतिनिधि सुशांत मिश्रा भागीरथपुरा पहुंचे और स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने मृतकों के नाम-पते और परिवारों की जानकारी ली और इंदौर प्रशासन को सूची सौंपकर राहुल गांधी की इच्छा जताई कि वे व्यक्तिगत रूप से प्रभावित परिवारों से मिलें।

लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की संकरी गलियों में राहुल गांधी की सुरक्षा टीम और वाहन नहीं जा सकते, इसलिए सभी मृतकों के घर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अब संभावना है कि दौरे के दौरान केवल 10 से 12 परिवारों के घर ही अंतिम रूप से चुने जाएं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने निर्देश दिए हैं कि 17 जनवरी को पूरे प्रदेश के जिला संगठन भागीरथपुरा घटना के विरोध में अपने-अपने क्षेत्रों में उपवास सत्याग्रह करें।

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भागीरथपुरा में गुरुवार तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,300 से अधिक लोग बीमार हैं। हालांकि शासन-प्रशासन ने अब तक सभी मौतों का कारण दूषित जल नहीं माना है। हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिकाओं में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्वीकार किया कि दूषित पानी से मौतें हुई हैं, लेकिन मौतों की संख्या को लेकर असमंजस जाहिर किया गया।

उधर, गुरुवार को 78 वर्षीय सुभद्रादाई पंवार की भी मौत हुई, जो भागीरथपुरा की निवासी थीं। उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी मौत के साथ दूषित जल से होने वाली मौतों की संख्या 24 हो गई।

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राजपाल यादव जेल में, नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर उठे सवाल — पुराने वीडियो ने बढ़ाई बहस

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राजपाल यादव के जेल जाने के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी का पुराना वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर उठे मदद को लेकर सवाल

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों एक चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं। कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल जाना पड़ा। जैसे ही यह खबर सामने आई, फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच हलचल तेज हो गई। जहां कुछ कलाकार उनके समर्थन में सामने आए, वहीं सोशल मीडिया पर एक अलग ही बहस शुरू हो गई है, जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी का नाम भी जुड़ गया है।

राजपाल यादव पिछले 25 साल से अधिक समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उन्होंने कई यादगार कॉमिक किरदार निभाए हैं और अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन इन दिनों वह आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक पुराने वित्तीय विवाद और चेक बाउंस मामले में अदालत की कार्रवाई के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा।

इस बीच सोशल मीडिया पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक कॉमेडी शो का है, जिसमें नवाजुद्दीन अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि जब वह मुंबई में काम की तलाश कर रहे थे, तब कई बार राजपाल यादव ने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा था कि उस दौर में कई संघर्ष कर रहे कलाकार राजपाल यादव के घर पर इकट्ठा होते थे, वहीं खाना बनता था और सब मिलकर रहते थे।

अब जब राजपाल यादव (Rajpal Yadav) मुश्किल समय से गुजर रहे हैं, तो सोशल मीडिया पर कुछ लोग नवाजुद्दीन से सवाल कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि जब संघर्ष के दिनों में राजपाल ने साथ दिया था, तो आज उनके कठिन समय में नवाजुद्दीन को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए। कई पोस्ट में यह भी लिखा गया कि दोस्ती और एहसान को याद रखने का यही समय है।

हालांकि, इस मामले में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं यह भी सच है कि किसी की निजी मदद या आर्थिक सहयोग सार्वजनिक रूप से सामने आए, यह जरूरी नहीं होता। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है, लेकिन वास्तविक स्थिति क्या है, यह दोनों पक्ष ही बेहतर जानते हैं।

दूसरी ओर, अभिनेता सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे कुछ कलाकारों ने राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि इंडस्ट्री को अपने साथियों के मुश्किल समय में साथ खड़ा होना चाहिए।

यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि दोस्ती, संघर्ष और इंसानियत जैसे मुद्दों को भी सामने ला रहा है। राजपाल यादव का संघर्ष लोगों को भावुक कर रहा है, क्योंकि उन्होंने सालों तक दर्शकों को हंसाया है। अब उनके प्रशंसक चाहते हैं कि उनके चेहरे की मुस्कान वापस लौटे।

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