IPAC रेड केस में ED को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत: IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) से जुड़े रेड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए अहम निर्देश भी दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड, खासकर सीसीटीवी फुटेज, पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच और सुनवाई के दौरान किसी भी तरह के सबूत से छेड़छाड़ न हो। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल इस FIR के आधार पर ED अधिकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस मामले में अदालत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बंगाल के डीजीपी, पश्चिम बंगाल सरकार और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। सभी पक्षों से मामले पर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
कोर्ट ने बताया कि इस केस की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी। उस दिन सभी संबंधित पक्षों के जवाब और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
IPAC रेड से जुड़े घटनाक्रम के बाद ED अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। ED ने इसे अपने काम में बाधा और अधिकार क्षेत्र से जुड़ा गंभीर मामला बताया था, जिसके बाद एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब शीर्ष अदालत के इस फैसले को ED के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न सिर्फ जांच एजेंसियों के अधिकारों से जुड़ा अहम संकेत देता है, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच टकराव के मामलों में संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। अब सबकी नजरें 3 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में अगला बड़ा मोड़ आ सकता है।