घर की छोटी-सी बात ने छीन ली एक जिंदगी: सब्जी को लेकर हुए विवाद के बाद 20 साल की बहू ने लगाई फांसी

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Javed Haider Zaidi

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बिहार के सुपौल में आत्महत्या की घटना के बाद जांच करते पुलिसकर्मी और शोक में डूबा पीड़ित परिवार का घर

बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद दर्दनाक और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है। घरेलू कलह और मानसिक तनाव के बीच एक 20 वर्षीय नवविवाहिता ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि यह विवाद घर में सब्जी खत्म होने जैसी छोटी-सी बात से शुरू हुआ था, लेकिन हालात इतने बिगड़ गए कि एक युवा जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई।

यह घटना राजेश्वरी थाना क्षेत्र के चुन्नी पंचायत की है। मृतका की पहचान रंभा देवी के रूप में हुई है, जो कामत किशनगंज वार्ड 13 की रहने वाली थी और चुन्नी पंचायत निवासी रितेश कुमार की पत्नी थी। रंभा देवी की शादी करीब तीन साल पहले वर्ष 2022 में रितेश कुमार से लव मैरिज के जरिए हुई थी।

कोचिंग से शुरू हुआ प्यार, शादी तक पहुंचा रिश्ता
परिजनों के अनुसार, रितेश और रंभा की मुलाकात 12वीं की पढ़ाई के दौरान एक कोचिंग सेंटर में हुई थी। पढ़ाई के दौरान दोनों में दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। करीब छह महीने के प्रेम संबंध के बाद दोनों ने इंटरकास्ट लव मैरिज कर ली। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन शादी के बाद सामाजिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते रिश्ते में तनाव आने लगा।

बेटी के जन्म के बाद बढ़ने लगा तनाव
शादी के कुछ समय बाद रंभा देवी ने एक बेटी को जन्म दिया, जो फिलहाल करीब दो साल की है। बताया जाता है कि बेटी के जन्म के बाद पति-पत्नी के बीच और पारिवारिक रिश्तों में खटास बढ़ने लगी। बच्ची ज्यादातर दादा-दादी के पास ही रहती थी। घर में छोटी-छोटी बातों को लेकर रंभा का अक्सर सास और ननद से विवाद होता रहता था।

घरेलू तनाव से परेशान होकर रितेश कुमार अपनी पत्नी को लेकर काम के सिलसिले में गुरुग्राम चला गया। वहां रंभा की तबीयत अक्सर खराब रहती थी। काफी समझाने के बाद वह सितंबर में घर लौटने को तैयार हुई। परिवार ने 28 सितंबर को बेटी का जन्मदिन भी साथ में मनाया, लेकिन इसके बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके।

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सब्जी को लेकर हुआ विवाद बना जानलेवा
परिजनों के मुताबिक, शनिवार को घर में सब्जी खत्म होने की बात पर रंभा देवी का अपनी सास और ननद से झगड़ा हो गया। गुस्से में वह अपने कमरे में चली गई और रात का खाना भी नहीं खाया। अगले दिन रविवार को भी उसने कुछ नहीं खाया और किसी से बात नहीं की। शाम करीब चार बजे फिर से इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई, जिसके बाद वह कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।

काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। रंभा देवी पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकी हुई थी। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस जांच में जुटी, हर पहलू की हो रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही रविवार रात करीब 10 बजे राजेश्वरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष युगल किशोर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। मृतका के पति रितेश कुमार से पूछताछ की जा रही है और पारिवारिक विवाद समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर इतनी छोटी-सी बात एक युवा महिला की जिंदगी छीन लेगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। यह मामला एक बार फिर घरेलू तनाव, संवाद की कमी और मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान खींचता है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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