Multibagger Stock: पैसे छापने की मशीन बना यह शेयर, 5700% तक का रिटर्न देकर निवेशकों को किया मालामाल

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Javed Haider Zaidi

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नेटवर्क पीपुल सर्विसेज टेक्नोलॉजी का शेयर बना मल्टीबैगर स्टॉक, निवेशकों को मिला 5700 प्रतिशत रिटर्न

Multibagger Stock: शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के साथ आता है, लेकिन कई बार कुछ कंपनियों के शेयर समय के साथ निवेशकों के लिए जबरदस्त कमाई का जरिया बन जाते हैं। ऐसे ही शेयरों को मल्टीबैगर स्टॉक कहा जाता है। बीते कुछ वर्षों में नेटवर्क पीपुल सर्विसेज टेक्नोलॉजी (Network People Services Technology) का शेयर भी निवेशकों के लिए ऐसा ही एक शानदार मल्टीबैगर साबित हुआ है, जिसने लंबी अवधि में करीब 5700 प्रतिशत तक का रिटर्न देकर सभी को चौंका दिया

सही समय पर और धैर्य के साथ निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह शेयर किसी “पैसे छापने की मशीन” से कम नहीं रहा। छोटी-सी निवेश राशि ने समय के साथ कई गुना बढ़कर बड़ा आकार ले लिया।

कुछ सालों में बदल गई निवेशकों की किस्मत

नेटवर्क पीपुल सर्विसेज टेक्नोलॉजी के शेयरों ने पिछले चार वर्षों में असाधारण प्रदर्शन किया है। हालांकि इस दौरान शेयर में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को इसका पूरा फायदा मिला।

कंपनी के शेयर की कीमत कुछ साल पहले करीब 21.85 रुपये के आसपास थी, जो तेजी के दौर में बढ़ते-बढ़ते 1400 रुपये के स्तर को पार कर गई। इस दौरान शेयर ने हजारों प्रतिशत का रिटर्न दिया, जिसने इसे शेयर बाजार के चर्चित मल्टीबैगर स्टॉक्स की सूची में शामिल कर दिया।

किस साल कितना मिला रिटर्न

अगर साल-दर-साल रिटर्न की बात करें, तो कंपनी के शेयरों ने अलग-अलग वर्षों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है:

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  • 2022: शेयर में करीब 201% की मजबूत तेजी
  • 2023: निवेशकों के लिए सबसे शानदार साल, जब शेयर ने लगभग 1012% का बंपर रिटर्न दिया
  • 2024: तेजी का सिलसिला जारी रहा और शेयर में करीब 226% की बढ़त दर्ज की गई

इन लगातार शानदार रिटर्न्स की वजह से यह शेयर मल्टीबैगर की श्रेणी में पहुंच गया और बाजार में निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

2025 में थमी तेजी, आई बड़ी गिरावट

जहां एक ओर बीते सालों में इस शेयर ने निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिया, वहीं साल 2025 कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। इस दौरान शेयर की कीमत में करीब 47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट लिस्टिंग के बाद किसी एक साल में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

हालांकि, बाजार जानकारों का मानना है कि किसी भी मल्टीबैगर स्टॉक में इतनी तेज रैली के बाद करेक्शन आना सामान्य बात है। ऐसे समय में निवेशकों के लिए धैर्य और सही रणनीति बेहद जरूरी हो जाती है।

डिविडेंड का भी मिला फायदा

नेटवर्क पीपुल सर्विसेज टेक्नोलॉजी ने अपने निवेशकों को सिर्फ शेयर प्राइस बढ़ने का ही फायदा नहीं दिया, बल्कि डिविडेंड के रूप में भी रिटर्न दिया है।
पिछले साल सितंबर 2025 में कंपनी का शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड हुआ था, जिसमें योग्य निवेशकों को 2 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिला।

बीएसई पर शेयर का ताजा हाल

बीएसई (BSE) पर शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को नेटवर्क पीपुल सर्विसेज टेक्नोलॉजी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

  • शेयर 2.71% या 39.05 रुपये की गिरावट के साथ 1402.20 रुपये पर कारोबार कर रहा था
  • दिन की शुरुआत शेयर ने 1427.60 रुपये पर की थी
  • 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर: 2430 रुपये
  • 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर: 1347.50 रुपये

इन आंकड़ों से साफ है कि शेयर अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव जारी है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

नेटवर्क पीपुल सर्विसेज टेक्नोलॉजी का शेयर उन निवेशकों के लिए एक बड़ा उदाहरण है, जिन्होंने लंबी अवधि का नजरिया अपनाया और धैर्य बनाए रखा। इस शेयर ने यह साबित किया कि सही कंपनी में सही समय पर किया गया निवेश लंबे समय में बड़ा रिटर्न दे सकता है।

हालांकि, हालिया गिरावट यह भी बताती है कि शेयर बाजार में कोई भी रिटर्न स्थायी नहीं होता और जोखिम हमेशा बना रहता है।


डिस्क्लेमर

यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें दिए गए विचार या आंकड़े किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया विकिरण का खतरा

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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं, जिसके गंभीर परिणाम पूरे खाड़ी क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर अब तक चार बार हमला किया है। उनका कहना है कि यदि इन हमलों के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका असर ईरान की राजधानी तेहरान से ज्यादा खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि संभावित विकिरण का असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वहां “जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है”, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ईरान का दावा: अमेरिका को हुआ नुकसान

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक A-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, दो MQ-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पश्चिमी देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति पर पश्चिमी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर वही संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले न केवल सैन्य बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद खतरनाक होते हैं। यदि विकिरण फैलता है, तो इसका असर सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

ईरान ने कहा है कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका “स्थायी और सशर्त समाधान” चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।

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