दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड, दिन में भी महसूस हो रही रात जैसी सर्दी: IMD ने दिया 5-7 दिन का अलर्ट

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Javed Haider Zaidi

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घने कोहरे और शीतलहर के बीच उत्तर भारत में सर्दी से बचते लोग, ठंड से प्रभावित सुबह का दृश्य

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस हफ्ते कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। रात के साथ-साथ दिन में भी तापमान सामान्य से कई डिग्री कम है, जिससे लोग बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार की ठंड की वजह घना कोहरा और सूर्य की कम रोशनी है, जो दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बनाए हुए है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने यलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 5 से 7 दिन तक शीतलहर का असर जारी रहेगा और लोगों को ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है। अनुमान है कि मकर संक्रांति तक ही इस ठंड से राहत मिल सकती है।

दिन में भी गलन वाली सर्दी क्यों महसूस हो रही है?

IMD के वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार के अनुसार, उत्तरी भारत में घना कोहरा तापमान पर सबसे बड़ा असर डाल रहा है। कोहरे की मोटी परत सूर्य की किरणों को सीधे धरती तक पहुंचने नहीं दे रही, इसलिए दिन में भी गलन वाली ठंड महसूस हो रही है। इसके कारण ही बार-बार शीतलहर की चेतावनी जारी करनी पड़ रही है।

IMD का ठंड से जुड़ा पैमाना

भारतीय मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे होने को ही सबसे ठंडा दिन माना जाता है। खासकर जब अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री कम हो और न्यूनतम तापमान नॉर्मल से 4.5 डिग्री नीचे चला जाए, तब इसे ‘अत्यधिक ठंडा दिन’ घोषित किया जाता है।

अगले दिनों का मौसम पूर्वानुमान

IMD के अनुसार, उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक शीतलहर का असर रहेगा:

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  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, झारखंड: 7-10 जनवरी
  • पूर्वी राजस्थान: 7-8 जनवरी, 9-10 जनवरी
  • पश्चिमी राजस्थान: 7-9 जनवरी
  • उत्तर प्रदेश, बिहार: 8-14 जनवरी
  • सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल: ठंडे से लेकर भीषण ठंड
  • हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश: 8-9 जनवरी तक शीतलहर

साथ ही, घना कोहरा भी कई राज्यों में छाया रहेगा:

  • हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़: 8-10 जनवरी
  • पूर्वी राजस्थान: 8-14 जनवरी
  • पश्चिमी राजस्थान: 8-12 जनवरी
  • उत्तर प्रदेश: 8-14 जनवरी

सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे अनुभव

सोशल मीडिया पर भी लोग इस बार की रिकॉर्ड ठंड को लेकर प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। नवदीप दहिया नामक एक यूजर ने लिखा कि दिल्ली-एनसीआर में इतनी भीषण ठंड पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि पारा अगले 9-10 दिनों में और गिर सकता है और 12-15 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, हालांकि 2019 जैसी चरम ठंड नहीं आएगी।

घरों में लोगों की तैयारी

लोग घर में कंबल और रजाई का सहारा ले रहे हैं। कुछ लोग आग जलाकर या ब्लोअर चलाकर वातावरण गर्म करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ठंड लगातार अपना असर दिखा रही है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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