बिहार में ज्वेलरी दुकानों के लिए लागू किए गए नए सुरक्षा नियमों के बाद अब झारखंड में भी इसी तरह की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। राज्य के कई जिलों में ज्वेलर्स संगठनों ने बढ़ते अपराध और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए यह सुझाव रखा है कि सोना-चांदी की दुकानों में खरीदारी के दौरान ग्राहक का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।
जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ज्वेलरी शोरूम में ऐसे किसी भी वस्त्र या साधन के साथ प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है, जिससे चेहरा ढका रहे। इसमें हिजाब, बुर्का, घूंघट, नकाब, मास्क और हेलमेट जैसी चीजें शामिल होंगी।
बढ़ती कीमतों के साथ बढ़ा सुरक्षा खतरा
झारखंड के ज्वेलरी कारोबारी मानते हैं कि सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद ज्वेलरी दुकानों को अपराधियों ने आसान निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कई घटनाओं में देखा गया है कि अपराधी चेहरा ढककर दुकान में आते हैं, रेकी करते हैं या वारदात को अंजाम देकर आसानी से पहचान से बच निकलते हैं।
इसी कारण ज्वेलर्स अब ऐसे उपायों की मांग कर रहे हैं, जिससे सीसीटीवी कैमरों में ग्राहकों की स्पष्ट पहचान संभव हो सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ज्वेलर्स संगठनों की बैठक जल्द
रांची स्थित सोना-चांदी व्यवसाय समिति के अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने बताया कि इस मुद्दे पर राज्य स्तर पर ज्वेलर्स संगठनों के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में लागू किए गए नियमों के सकारात्मक असर को देखते हुए झारखंड में भी उसी मॉडल को अपनाने पर चर्चा हो रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन जल्द ही राज्यभर के ज्वेलर्स संगठनों की बैठक बुलाकर सुरक्षा दिशा-निर्देशों को लेकर सहमति बनाई जाएगी।
धर्म या समुदाय से नहीं जुड़ा फैसला
ज्वेलरी कारोबार से जुड़े संगठनों ने साफ किया है कि इस प्रस्ताव का किसी भी धर्म, परंपरा या समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा विषय है और सभी प्रकार के चेहरा ढकने वाले साधनों पर समान रूप से लागू होगा।
ज्वेलर्स का कहना है कि दुकानदारों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा प्राथमिकता है और बदलते हालात में सुरक्षा नियमों को और सख्त करना समय की जरूरत बन गई है।